PALI SIROHI ONLINE
तिथि संवत् : मार्गशीर्ष, कृष्ण पक्ष एकादशी, शनिवार रात्रि 02:38 तक रहेगी, विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी 1447, मुस्लिम माह जमादि उल अव्वल, तारीख 23, सूर्य
दक्षिणायन, हेमंत ऋतु, 15 नवंबर। सूर्योदय कालीन नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 11:35तक, इसके बाद हस्त नक्षत्र रहेगा। विष्कुंभक योग अगले दिन प्रातः 06:46 तक, इसके बाद प्रीति योग रहेगा। बव करण दोपहर 01:44 तक, इसके बाद बालव करण रहेगा।
ग्रह विचार (प्रातः 05:30): सूर्य-तुला, चंद्र-कन्या,मंगल-वृश्चिक, बुध-वृश्चिक, गुरु-कर्क, शुक्र-तुला, शनि-मीन, राहु-कुंभ, केतु-सिंह राशि में स्थित है।
राहुकाल : प्रातः 09:00 से 10:30 तक रहेगा।
दिशाशूल : पूर्व दिशा : यदि जरूरी हो तो लौंग खाकर यात्रा कर सकते हैं।
शुभाशुभ ज्ञानम् : उत्पन्ना वैतरणी एकादशी व्रत, पद्म प्रभु मोक्ष दिवस जैन।
चौघड़िया मुहूर्त : प्रातः 08:11 से 09:31 तक शुभ का, दोपहर 12:11 से 01:32 तक चर का, दोपहर 01:32 से सायं 04:12 तक लाभ और अमृत का चौघड़िया रहेगा।
आज विशेष : आज विष्कुंभक योग में घी का दान करना शुभफलदायी होता है। शनिवार को लोहे की शनि देव की मूर्ति का गंध, पुष्पादि से पूजन करके व्रत करें तो शनि जनित समस्त दोष दूर होते हैं। आज एकादशी के निमित्त उपवास कर भगवान हरि का पूजन करें और रात्रि जागरण करें। तिथि के अंत में अगले दिन पारणा करें तो सभी प्रकार के सुख मिलते हैं और इस भवसागर से मुक्ति मिलती है।
