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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ़ मैंन रोड के सौन्दर्यीकरण मे नाला निर्माण कार्य साबित हो रहा जानलेवा,खुले नाले में गिरा बुजुर्ग हुआ घायल सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे बडे सवाल
तखतगढ 27 अक्टूबर (खीमाराम मेवाडा) कस्बे के राष्ट्रीय राजमार्ग-325 से तालाब तक मैन रोड सौन्दर्यीकरण के अन्तर्गत निर्माणाधीन कछुआ चाल निर्माण मे अधूरा नाला, सड़क पर निर्माण सामग्री और धूल से आमजन त्रस्त है। जो अब दिन ब दिन आमजन के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। सोमवार शाम को खुले नाले में रास्ता पार करते एक बुजुर्ग के गिरने से घायल होने का मामला सामने आया है।जहा प्रत्यक्षदर्शियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर बडे सवाल खडे कर दिए है। और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खडे करते नजर आए। दरअसल 15 परवरी 2025 को एनएच
325 मुख्य चौराए से तालाब तक सौन्दर्यीकरण को लेकर भूमि पूजन के बाद नाला निर्माण और फुटपाथ बनाने का कार्य करीब 20 महिनो से कछुआ चाल चल रहा है। निर्माण कार्य की धीमी गति और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव मे अब आमजन की जान को खतरे में डाल दिया है। हालात ऐसे हैं कि खुले नाले, बाहर निकले लोहे के सरिये, सड़क पर बिखरी निर्माण सामग्री और उड़ती धूल के बीच राहगीरों को जान जोखिम में डालकर गुजरना भारी पड़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की हठधर्मियता के कारण पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध नजर नहीं आ रहे हैं।
खुले नाले में गिरा बुजुर्ग, बाल-बाल बची जान
सोमवार शाम करीब 7:15 बजे सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण एक उम्रदराज व्यक्ति खुले नाले में गिर गया। नाले में बड़े-बड़े लोहे के सरिये बाहर निकले हुए थे। गनीमत रही कि समय रहते घटना सामने आ गई, अन्यथा गंभीर चोट लगने या जानलेवा हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। सवाल यह है कि जब शाम होते ही अंधेरा छा जाता है, तो खुले नालों के आसपास सुरक्षा घेरा, चेतावनी संकेतक और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्थाओ का अभाव ही नजर आता है। जबकी यही घटना देर रात होती, तो परिणाम और भी गंभीर हो सकते थे।
सड़क पर निर्माण सामग्री से रास्ता अवरूद्ध राहगीर परेशान
एनएच 325 से नगर के मैन रोड की ओर आने वाले मार्ग पर फुटपाथ में लगाने के लिए लाए गए ब्लॉक और अन्य निर्माण सामग्री एव सड़क पर जगह-जगह रेत और कंक्रीट के ढेर लगे रहने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। साथ ही पैदल चलने वाले राहगीरों के सामने सुरक्षित रास्ते का संकट बना हुआ है। और दीपावली पर्व के मध्य नजर बाजार में बढ़ती भीड़ और वाहनों के दबाव के बीच यह स्थिति दुर्घटना को खुला संकेत दे रहा है।
मनमानी या विभागीय लापरवाही जिम्मेदार कौन
नाला निर्माण का कार्य काफी हद तक पूरा होने के बावजूद अधूरे हिस्सों पर सुरक्षा प्रबंध नहीं किए गए हैं। नाले के ऊपर बने क्रॉसिंग और लोहे के सरियों से संबंधित कार्य पूरा होने के बाद भी कई स्थानों पर मिट्टी नहीं हटाई गई है। सड़क पर बिखरी सामग्री और धूल के गुबार से दुकानदारों तथा आम नागरिकों को परेशानी हो रही है। व्यापारी दीपावली पर दुकानों की सफाई करें या उड़ती धूल से बचाव करें, यह उनके सामने बड़ी मुसीबत खडी हो गई है।
निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करना संबंधित निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही है। ऐसे में सार्वजनिक मार्ग पर सामग्री डालकर छोड़ देना और खुले नाले को असुरक्षित रखना गंभीर लापरवाही का विषय है। संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर जिम्मेदारी तय करनी होगी।
नगरपालिका प्रशासन भी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता सवाल
नगरपालिका प्रशासन भी स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य की देखरेख को लेकर जिम्मेदारी टालने की स्थिति भी सामने आ रही है। यह है कि यदि सड़क, नाले और फुटपाथ के निर्माण से आमजन प्रभावित हो रहा है, तो संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर नगरपालिका प्रशासन और निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों को आपसी जिम्मेदारी स्पष्ट करते हुए तत्काल समाधान करना चाहिए। आमजन की सुरक्षा किसी विभागीय सीमा या बहाने की मोहताज नहीं हो सकती।
108 सेवा भी नहीं पहुंची, निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा
घटना के बाद 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया गया, लेकिन जानकारी के अनुसार एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। फोन पर सेवा खराब होने की बात बताई गई। तखतगढ़ के साथ गुड़ा बालोतान में भी एंबुलेंस खराब होने की सूचना सामने आने की बात कही गई है। ऐसे में घायल बुजुर्ग को निजी वाहन से तखतगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां चिकित्सक डॉ. राहुल सिंह और नर्सिंग स्टाफ ने प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने की सलाह दी गई।
बस स्टैंड के बाहर भी हादसे का खतरा, पहले स्वान की हो चुकी मौत
तखतगढ़ के नए बस स्टैंड के बाहर बसों की आवाजाही वाले प्रवेश मार्ग पर क्रॉसिंग निर्माण और मिट्टी पड़े रहने के कारण पहले भी खतरे की स्थिति सामने आ चूका है। जहा मिट्टी और स्वान के रंग में समानता के कारण बस चालक को सड़क पर बैठा स्वान दिखाई नहीं दिया और बस की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। आरोप है कि इस घटना के बाद भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा और सफाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। जिस कारण संबंधित निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच का विषय बना हुआ है।
कब खुलेगी जिम्मेदार अधिकारीयो की आंख
तखतगढ़ में निर्माण कार्य के नाम पर आमजन को असुविधा और दुर्घटना के खतरे के बीच छोड़ देना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल खुले नालों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और रोशनी की व्यवस्था करवानी चाहिए। सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री हटवाकर पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाए तथा निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करवाया जाए।
जनता का सीधा आरोप:
आमजन का आरोप है कि किसी बड़े हादसे या जनहानि के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुलेगी? दीपावली के त्योहार पर नगरवासियों को सुविधा मिलनी चाहिए, न कि खुले नालों, धूल और अव्यवस्थित निर्माण कार्य के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर होना पडेगा।



