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जालोर-स्कूटी से जा रहे दिव्यांग युवक के सामने अचानक नीलगाय आ गई, जिससे हादसे में उसकी मौत हो गई। दुर्घटना बीमा के तहत क्लेम नहीं मिलने पर मृतक के माता-पिता ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश किया था। आयोग ने बुधवार (7 अक्टूबर) को चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को मृतक के परिजन को 15 लाख रुपए देने के आदेश दिए हैं। कंपनी को यह राशि 45 दिन में देनी होगी। हादसा 24 दिसंबर 2023 को हुआ था और उपचार के दौरानअगले दिन रात करीब 9:30 बजे युवक की मौत हो गई थी।
स्कूटी खरीदने के साथ ही करवाया था बीमा
किलवा, सांचौर निवासी उकसिंह पुत्र मोडसिंह ने 25 अप्रैल 2023 को स्कूटी खरीदी। उसी दिन चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से उसका बीमा कराया गया। पॉलिसी में वाहन मालिक और चालक का पीए कवर भी शामिल था। इसके तहत दुर्घटना में वाहन मालिक या चालक की मौत होने पर 15 लाख रुपए का बीमा लाभ तय था।
अचानक नीलगाय के आने से हुआ था हादसा
उकसिंह 24 दिसंबर 2023 को स्कूटी से जा रहा था। इसी दौरान अचानक रास्ते में नीलगाय आ गई, जिससे स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उकसिंह को गंभीर चोटें आईं।इलाज के दौरान मौत, थाने में मामला दर्ज
हादसे के बाद उकसिंह का इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान 25 दिसंबर 2023 की रात करीब 9:30 बजे उसकी मौत हो गई। घटना के संबंध में सांचौर थाने में मामला दर्ज किया गया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई भी हुई। मृतक के माता-पिता ने बीमा कंपनी से दुर्घटना बीमा राशि देने की मांग की। बीमा कंपनी की ओर से क्लेम का भुगतान नहीं होने पर मृतक के माता-पिता ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश किया।
45 दिन में देनी होगी राशि
आयोग के अध्यक्ष घनश्याम यादव और सदस्य निरंजन शर्मा ने चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को मृतक के परिजन को 15 लाख रुपए देने के आदेश दिए हैं। कंपनी को यह राशि 45 दिन में देनी होगी। साथ ही परिवाद दर्ज होने की तारीख से भुगतान तक 6% सालाना ब्याज और मानसिक प्रताड़ना व आर्थिक क्षति के 10 हजार तथा परिवाद खर्च के 10 हजार रुपए, यानी कुल 20 हजार रुपए अतिरिक्त देने होंगे। युवक ने स्कूटी खरीदने के दिन ही बीमा कराया था, जिसमें वाहन मालिक और चालक का 15 लाख रुपए का पीए कवर शामिल था।





