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जालोर-जालोर के भाद्राजून में ससुराल के घर के पीछे घायल अवस्था में मिली नेतल की 11 दिन इलाज के बाद 24 सितंबर को मौत हो गई। उसके पिता नेनाराम गर्ग ने पति समेत ससुराल पक्ष के 5 लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया है। उनकी रिपोर्ट पर भाद्राजून पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
पिता की रिपोर्ट के अनुसार, 13 सितंबर को नेतल ने अपनी मां पवनी देवी को फोन कर माता-पिता को भाद्राजून बुलाया। उसने आरोप लगाया कि ससुराल वाले मायके से 20 लाख रुपए लाने का दबाव बना रहे हैं। नेहल ने ये भी बताया कि उसे जान का खतरा है। नेनाराम और उनकी पत्नी उसी शाम करीब 8 बजे भाद्राजून पहुंचे।
रात को छत से गिरने की सूचना दी
पिता की रिपोर्ट के अनुसार, नेहल ससुराल वालों से समझाइश के बाद नेहल के माता-पिता रात में वहीं रुक गए।
नेनाराम ने बताया कि रात करीब 3 बजे प्रवीण ने उन्हें नेतल के छत से गिरने की सूचना दी। नेतल मकान के पीछे गली पत्थरों में अचेत मिली। पिता का कहना है कि परिवार नीचे के कमरों में सो रहा था, इसलिए उसके छत पर जाने और गिरने की बात पर उन्हें संदेह हुआ।
पिता ने आरोप लगाया कि नेतल के पहने आभूषण भी उसके शरीर पर नहीं थे। पिता ने आशंका जताई है कि मारपीट के बाद घटना को दुर्घटना का रूप दिया गया।
गुजरात में इलाज के दौरान मौत
घायल नेतल को पहले स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां से पाली, फिर जोधपुर रेफर किया गया। बाद में उसे गुजरात के मेहसाणा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नेनाराम ने 25 सितंबर को रिपोर्ट देकर दोषियों पर कार्रवाई और बेटी के गहने और अन्य सामान बरामद करने की मांग की। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मामला दर्ज किया है। आरोपों की जांच की जा रही है।
महिला का पति जालोर में एक निजी अस्पताल में नर्सिंग कर्मी लगा हुआ है और उसके पिता घर ही रहकर सिलाई का काम करते हैं।
पिता का आरोप- दहेज की बात को लेकर टोकते थे
25 सितंबर को जालोर के रेवत निवासी नेनाराम ने थाने में लिखित रिपोर्ट में बताया कि उनकी पुत्री नेतल का विवाह 6 फरवरी 2025 को भाद्राजून निवासी प्रवीण पुत्र भंवरलाल से हुआ था। दोनों का 6 महीने का बेटा रुद्राक्ष है। आरोप है कि शादी के 15-20 दिन बाद ही पति प्रवीण, ससुर भंवरलाल, सास विमला देवी, देवर गौतम और ननद सुशीला कम दहेज लाने की बात कहकर नेतल को परेशान करने लगे। नेतल के पीहर आने पर परिवार ने कई बार ससुराल पक्ष से समझाइश भी की थी।




