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पाली-पाली को बीजेपी का गढ़ माना जाता है, लेकिन निकाय चुनाव में पार्टी के बड़े नेताओं के अपने ही वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा से जुड़े वार्डों में पार्टी प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सके। कहीं कांग्रेस ने कांटे के मुकाबले में बाजी मारी तो कहीं भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशियों ने पार्टी का गणित बिगाड़ दिया। इन नतीजों ने बीजेपी को मंथन करने पर मजबूर कर दिया है।पूर्व सभापति के वार्ड में भाजपा को बागी ने हराया
वार्ड 26 में भाजपा ने शिवजी प्रजापत को मैदान में उतारा था। उन पर बाहरी प्रत्याशी का टैग लगा। भाजपा नेता और पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा उनके साथ लगे रहे, लेकिन वार्डवासियों ने भाजपा के पूर्व पार्षद की अगुवाई में सभी की सर्वसम्मति से भाजपा से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरीं कुसुम सोनी को समर्थन दिया। नतीजे में कुसुम सोनी ने भाजपा प्रत्याशी शिवजी प्रजापत को 117 वोटों से हरा दिया। कुसुम सोनी को 1113 और शिवजी प्रजापत को 996 वोट मिले। वहीं, 35 वार्डवासियों ने नोटा का बटन दबाया।
जिलाध्यक्ष के वार्ड में 12 वोटों से हारी भाजपा
वार्ड 39 में भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी रहते हैं। इसके बावजूद वे भाजपा प्रत्याशी पीयूष शर्मा को जीत नहीं दिला सके। यहां कांग्रेस की अनामिका सोलंकी ने कड़े मुकाबले में पीयूष शर्मा को महज 12 वोटों से हरा दिया। निर्दलीय राजेंद्र जांगिड़ को 199 वोट मिले, जबकि 28 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। निर्दलीय प्रत्याशी ने इस वार्ड में भाजपा की जीत का समीकरण बिगाड़ने का काम किया।
पूर्व विधायक के वार्ड में भाजपा प्रत्याशी को मिले सिर्फ 177 वोट
वार्ड 40 आदर्श नगर में पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख रहते हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी नवरतन कंवर को महज 177 वोटमिले। भाजपा से बागी होकर पूर्व पार्षद किशोर सोमनानी ने अपनी पत्नी पुष्पा सोमनानी को निर्दलीय मैदान में उतारा था। पुष्पा सोमनानी ने भाजपा प्रत्याशी को 826 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया।
प्रदेशाध्यक्ष के वार्ड में भी कांग्रेस ने दर्ज की जीत
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ वर्तमान में पाली शहर के वार्ड 23 में रहते हैं। प्रदेश के साथ पाली जिले में भी भाजपा को जिताने की उनकी जिम्मेदारी थी। लेकिन उनके वार्ड क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी खुशबू लोढ़ा को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस प्रत्याशी शीला ने खुशबू लोढ़ा को 106 वोटों से हरा दिया। भाजपा प्रत्याशी खुशबू लोढ़ा महापौर के संभावित दावेदारों में शामिल थीं। बड़े नेताओं के अपने ही वार्डों में पार्टी प्रत्याशियों की हार ने बीजेपी के सामने आत्ममंथन की स्थिति पैदा कर दी है।
पाली में 17 साल बाद कांग्रेस बनाएंगी बोर्ड
पाली नगर निगम में कांग्रेस का 17 साल का वनवास खत्म करते हुए बोर्ड बनाने जा रही है। 65 वार्डों में कांग्रेस ने 29, भाजपा ने 21 और निर्दलीय 15 सीटों पर जीत दर्ज की है। बोर्ड बनाने के लिए 33 सीटों की आवश्यकता है। ऐसे में कांग्रेस के प्रबल चांस है। महापौर के लिए महिला सीट आरक्षित है। कांग्रेस की ओर से महापौर की दौड़ में राजबाला-प्रदीप हिंगड़, सुमित्रा जैन और अनामिका सोलंकी प्रबल दावेदार माने जा रहे है। वही भाजपा को जोड़-तोड़ करभी लेती है तो उन्हें 12 निर्दलीयों का साथ चाहिए जो संभव कम लगता है।

