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माउंट आबू-जन्माष्टमी के दूसरे दिन माउंट आबू के पहाड़ी पर्यटन स्थल पर कानूड़ा की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भील समाज के युवा, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी नाचते-गाते हुए शोभायात्रा में आगे बढ़ रहे थे।
यह शोभायात्रा शहर के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए नक्की झील पहुंची। यहां भाई-बहन के रिश्ते को निभाने के लिए एक खास पूजा की जाती है।
इस पूजा में भाई अपनी बहन की सौगंध की गांठ खुलवाता है। इसके बाद बहन भाई को तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती है।
माउंट आबू समेत राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों और गुजरात के कई क्षेत्रों में इस पर्व का खास महत्व है। यहां कानूड़ा का पर्व धूमधाम से इसी तरह शोभायात्रा निकालकर मनाया जाता है। नदी और तालाब के किनारे इस पर्व की परंपरागत रस्में निभाई जाती हैं।


