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जालोर-जालोर जिला उपभोक्ता आयोग ने वाहन के लोन और बीमा से जुड़े मामले में फैसला सुनाया है। आयोग ने HDFC ERGO General Insurance Company Limited को मृतक सांवलाराम के लोन की बकाया रकम HDFC बैंक को देने के आदेश दिए हैं।
इसके बाद बीमा की जो रकम बचती है, वह सांवलाराम के बेटे श्रवण कुमार को देने के लिए कहा गया है।
ऑटो खरीदने के लिए लिया था लोन
श्रवण कुमार ने आयोग में शिकायत की थी कि उनके पिता सांवलाराम ने ऑटो खरीदने के लिए HDFC बैंक से 4 लाख 29 हजार 761 रुपए का लोन लिया था। इस लोन की हर महीने 8 हजार 974 रुपए की किस्त थी। लोन लेते समय HDFC ERGO की बीमा पॉलिसी भी ली गई थी।
कोविड से हुई थी मौत
शिकायत के अनुसार सांवलाराम की 2 मई 2021 को कोविड-19 से मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार ने बीमा कंपनी को सांवलाराम की मौत की जानकारी दी। परिवार ने कहा कि लोन की बची हुई रकम बैंक को दी जाए और बीमा की रकम का भुगतान किया जाए। लेकिन बीमा कंपनी ने बीमा का दावा स्वीकार नहीं किया। इसके बाद श्रवण कुमार ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
45 दिन में बैंक को देनी होगी लोन की रकम
मामले की सुनवाई जालोर जिला उपभोक्ता आयोग के पीठासीन अधिकारी घनश्याम यादव और सदस्य निरंजन शर्मा ने की। सुनवाई के बाद आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह 45 दिन के अंदर मृतक सांवलाराम के लोन खाते में बची हुई रकम HDFC बैंक को दे। लोन की रकम देने के बाद बीमा पॉलिसी के तहत जो रकम बचती है, उसे परिवादी श्रवण कुमार को देने के आदेश दिए गए हैं।
मानसिक परेशानी के लिए 35 हजार रुपए
आयोग ने श्रवण कुमार को हुई मानसिक परेशानी के लिए 35 हजार रुपए देने का भी आदेश दिया है। इसके अलावा शिकायत का खर्च देने के लिए 5 हजार रुपए देने होंगे। इस तरह बीमा कंपनी को कुल 40 हजार रुपए अलग से देने होंगे। इस 40 हजार रुपए पर फैसले की तारीख से भुगतान होने तक 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा।

