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खीमाराम मेवाडा
10 माह बाद फिर पुराना बस स्टैंड पर विवाद का कारण बना ‘सड’ ‘ का पेड़,
सीएम तक गूंज के बाद कलेक्टर के आदेश पर पालिका प्रशासन द्वारा पेड़ के चारों ओर ब्लैक ग्रेनाइट पत्थरों से बनाया था चबूतरा
मंगलवार को चबूतरे पर तेल डालने से दुकानदारो व नगरवासीयो के बीच हुई तकरार
रात को पेड काटने पर मामला पहुचा थाने तक नगरवासीयो की रिपोर्ट पर पुलिस जुटी कार्यवाही मे
तखतगढ 26 अगस्त (खीमाराम मेवाडा) तखतगढ कस्बे के पुराने बस स्टैंड पर स्थित वर्षों पुराना सड का विशाल छायादार पेड़ 10 महिना बाद फिर विवाद का कारण बन चूका है। जहा मंगलवार को सुबह चबूतरे पर तेल डालने से फिर दुकानदारो व नगर वासीयो के बीच तकरार हो गई। और समझाइश के बाद दिन भर मामला शांत रहा। लेकिन रात होते ही अज्ञात लोगो द्वारा वर्षो पुराने छायादार पेड को काटना शुरू करने की भनक लगते ही नगरवासी मौके पर पहुचे और पुलिस थाने मे लिखित रिपोर्ट पेश करने पर पुलिस ने कार्यवाही शुरू कर दी है। नगर वासीयो द्वारा दी रिपोर्ट मे बताया की पुराना बस स्टैंड पर सार्वजनिक जगह लगे छायादार पेड के पास चबुतरे पर मंगलवार सुबह करीब 9 बजे गर्म तेल डालने पर नगर वासीयो ने समझाइश का प्रयास किया तो नही माने और उल्टा धमकी दी की नगरवासियो को जो करना है वह कर लेना। समझाइश के दरमियान पेड काटने का मना किया था उसके उपरान्त भी रात १० बजे काटा फीर गाँव वालो ने रुकवया लेकिन बार बार धमकी दी की सबको देख लुंगा उक्त व्यकियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग उठाई है।
यह है सड के पेड का मामला
दरअसल पुराने बस स्टैंड पर स्थित वर्षों पुराना सड का विशाल पेड़ है। उक्त पेड़ के नीचे वर्षों से एक पुरानी चाय की थड़ी भी है। जो हर पल सुबह- शाम स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं का अड्डा बनी रहती है। साथ ही यात्रियों एवं आम जनता के लिए अत्यंत उपयोगी है। इस पेड़ की छाया में गर्मियों में आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले राहगीर विश्राम करते हैं और यह प्राकृतिक वातावरण को भी शुद्ध करता है। लेकिन पिछले वर्ष अक्टूबर 2025 मे इस पेड़ को किसी व्यक्तियों द्वारा काटने की संभावना को लेकर समाजसेवीयो ने पेड़ की सुरक्षा को लेकर आगे आकर मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। जिस पर सीएम कार्यालय से जिला कलक्टर पाली के निर्देश पर नायब तहसीलदार, राजस्व अधिकारियों व अधिशाषी अधिकारी ने मौके का मुआयना कर पेड़ के संरक्षण एवं बचाव के निर्देश दिए गए। बाद जिला कलेक्टर के आदेश पर पालिका प्रशासन द्वारा तुरंत संज्ञान लेते हुए पेड़ के चारों ओर ब्लैक ग्रेनाइट पत्थरों से शानदार आकर्षक चबूतरा तैयार करवाया था।


