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34 साल तक बच्चों को खेल और अनुशासन सिखाने वाले शिक्षक की अनोखी विदाई, घोड़े पर बैठाकर पूरे गांव ने किया सम्मान
नगराज वैष्णव
रानी /खरोकड़ा गांव में 34 वर्षों तक शिक्षा और खेल के माध्यम से विद्यार्थियों का भविष्य संवारने वाले शारीरिक शिक्षक मांगीलाल वैष्णव को सेवानिवृत्ति पर ग्रामीणों ने यादगार और भावुक विदाई दी। गांववासियों ने उन्हें साफा पहनाकर, फूल-मालाओं से सम्मानित किया और सजे-धजे घोड़े पर बैठाकर पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली।मांगीलाल वैष्णव वर्ष 1992 में सरकारी सेवा में शारीरिक शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे। वर्ष 2008 में उनका स्थानांतरण राजकीय विद्यालय खरोकड़ा में हुआ। यहां उन्होंने करीब 18 वर्षों तक विद्यार्थियों को खेल, अनुशासन और जीवन मूल्यों की शिक्षा दी। 31 जुलाई 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए।
शिक्षक वैष्णव ने सेवाकाल में कई पीढ़ियों को खेलों के साथ अनुशासन और संस्कार का पाठ पढ़ाया
विदाई समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। घोड़े पर सवार शिक्षक के आगे विद्यालय के विद्यार्थी वर्दी में चलते रहे, जबकि पीछे ग्रामीणों का जनसमूह उनके सम्मान में साथ चला। पूरे रास्ते गुरु के सम्मान में जयघोष होते रहे।समारोह में वक्ताओं ने कहा कि मांगीलाल वैष्णव ने अपने सेवाकाल में कई पीढ़ियों को खेलों के साथ अनुशासन और संस्कार का पाठ पढ़ाया। उनके योगदान को गांव हमेशा याद रखेगा। 34 वर्षों की सेवा के बाद मिली इस अनूठी विदाई से मांगीलाल वैष्णव भावुक हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि गुरु का सम्मान करना हमारी संस्कृति और संस्कारों की पहचान है, इसलिए पूरे गांव ने मिलकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।


