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आबूरोड, सिरोही-आबूरोड में करीब 15 साल पहले एक सड़क हादसे में हुई दो लोगों की मौत के मामले में आरोपी की सजा बरकरार रखी है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (क्रम संख्या 1) ने आरोपी विक्रम उर्फ विक्की बारोट की अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने अपनी सजा माफ करने की मांग की थी।
क्या था पूरा मामला?
हादसा घटना 20 जुलाई 2011 को हुआ था। ईश्वर आचार्य और उनके भतीजे योगेश आचार्य अपनी एक्टिवा स्कूटर से सांतपुर स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान आरोपी विक्की बारोट ने अपनी तेज रफ्तार कार से उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के गवाह प्रवीण और रवि राणा थे।
निचली अदालत ने दो धाराओं में सजा सुनाई थी
इस मामले में आबूरोड की निचली अदालत (न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने 5 जनवरी 2023 को आरोपी विक्की बारोट को दोषी मानते हुए लापरवाही से गाड़ी चलाने के लिए 6 महीने की जेल और 1,000 रुपए का जुर्माना और
लापरवाही से मौत का कारण बनने के लिए 2 साल की जेल और 20,000 रुपए का जुर्माना लगाया था।
एडीजे ने सजा बरकरार रखी
निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ आरोपी विक्की ने ऊपरी अदालत (अपर जिला एवं सत्र न्यायालय) में अपील की थी।
अपील की सुनवाई के दौरान कोर्ट के अधिकारी कुलदीप सूत्रकार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। सरकारी वकीलों (उप निदेशक राजश्री व्यास और दिनेश खंडेलवाल) ने कोर्ट के सामने पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए। कोर्ट ने इन सबूतों को सही माना और फैसला सुनाया कि निचली अदालत का निर्णय बिल्कुल सही था और आरोपी की सजा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

