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सांचौर-सांचौर के कांटोल गांव में रामदेवजी मंदिर में कथित तोड़फोड़, समाजजनों से मारपीट और धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोमवार को दोनों मामलों को लेकर लोगों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि 21 जुलाई को कांटोल स्थित मेघवाल समाज के मंदिर परिसर में कथित रूप से तोड़फोड़की गई थी। इस दौरान समाज के लोगों के साथ मारपीट करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया।
इस मामले में सांचौर थाने में एससी/एसटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। समाज के लोगों का कहना है कि घटना को एक सप्ताह बीतने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे समाज में आक्रोश है।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कार्रवाई में देरी होने से आरोपियों के हौसले बढ़ रहे हैं और इससे कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष और जल्द जांच, सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित पक्ष को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
वहीं दूसरे मामले में कांटोल निवासी विक्रम कुमार पुत्र अनिल कुमार उर्फ ओखाराम ने आरोप लगाया कि गांव के सोशल मीडिया ग्रुप में वाहन संबंधी टिप्पणी के बाद कुछ लोगों ने उन्हें सार्वजनिक रूप से जातिसूचक अपशब्द कहे, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
विक्रम कुमार का कहना है कि इस मामले में रिपोर्ट दर्ज हुए 17 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तककिसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि घटना से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। उनका आरोप है कि आरोपी लगातार उन्हें और उनके परिवार को धमका रहे हैं।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि दोनों मामलों में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो विक्रम कुमार परिवार सहित आमरण अनशन करेंगे। वहीं मेघवाल समाज की ओर से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक आंदोलन करने की बात कही गई है।
इस दौरान रमेश बॉस, जोइता राम कांटोल, धर्मा राम, नरेंद्र डांगरा, एडवोकेट राजेंद्र हिंगड़ा, नागजीराम कांटोल, रूपाराम, आंबेडकर सेवा समिति अध्यक्ष केवला राम परमार, रमेश बाजक, केसाराम, लाडूराम, गोविंद मेघवाल और सांवला राम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


