जालोर में तालाब में गिरने से लड़की की मौत:सिविल डिफेंस ने रेस्क्यू किया, इलाज के दौरान तोड़ा दम
PALI SIROHI ONLINE
जालोर-जालोर शहर के सुन्देलाव तालाब में डूबने से 15 साल की लड़की की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद लड़की को पानी से बाहर निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को जिला हॉस्पिटल की मॉच्र्युरी में रखवाया।
पैर फिसलने से तालाब में गिरने की आशंका
जानकारी के अनुसार जालोर मंगलवार शाम शीतला माता मेले में जाने के बाद घर लौटी थी। इसके बाद वह करीब रात 8:30 बजे घूमते हुए सुन्देलाव तालाब के पास पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गई।
जालोर शहर के सुन्देलाव तालाब में डूबने से 15 साल की लड़की की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद लड़की को पानी से बाहर निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को जिला हॉस्पिटल की मॉच्र्युरी में रखवाया।
पैर फिसलने से तालाब में गिरने की आशंका
जानकारी के अनुसार जालोर मंगलवार शाम शीतला माता मेले में जाने के बाद घर लौटी थी। इसके बाद वह करीब रात 8:30 बजे घूमते हुए सुन्देलाव तालाब के पास पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गई।
संत ने दी सूचना, रस्सी से निकालने का किया प्रयास
लड़की के तालाब में गिरने की जानकारी मिलने पर तालाब किनारे स्थित हनुमानजी मंदिर के संत पवनपुरी महाराज मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को सूचना देने के साथ ही रस्सी डालकर बच्ची को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
सिविल डिफेंस टीम ने किया रेस्क्यू
सूचना पर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। टीम के सदस्य किशनराम और हीरालाल बिना देर किए पानी में कूद गए और किशोरी को बाहर निकाल लिया।
इसके बाद उसे तुरंत वाहन से जालोर के सामान्य हॉस्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमॉर्टम के बाद होगा खुलासा
पुलिस ने शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में रखवाया है और बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। फिलहाल तालाब में गिरने के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की रिपोर्ट के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
