• March 22, 2026

रावलसिंह हत्याकांड पर समाज का धरना समाप्तः मंत्री के आश्वासन के बाद देर रात माने; दिन में लोगों ने पुलिस पर मिलीभगत का लगाया था आरोप

PALI SIROHI ONLINE

जोधपुर-जोधपुर रेंज के फलोदी में हुए रावल सिंह हत्याकांड के बाद समाज के लोग मथुरादास माथुर हॉस्पिटल की मोच्र्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए थे। मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर के आश्वासन के बाद धरना देर रात समाप्त किया गया। खींवसर ने मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और वित्तीय सहायता के लिए फलोदी जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद समाज के लोग माने। इधर मामले में मतोड़ा थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को डिटेन किया है। जबकि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

बता दें कि रावल सिंह की शनिवार को हत्या कर दी गई थी। इसके विरोध में रविवार को समाज के लोग धरने पर बैठ गए थे। समाज ने आरोप लगाया था कि नवंबर 2025 में बदमाशों ने रावल सिंह के साथ मारपीट कर उसके हाथ-पैर तोड़ दिए थे। लेकिन पुलिस ने मिलीभगत कर आरोपियों को थाने से ही छोड़ दिया था।

परिजनों और समाज के लोगों ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता और संविदा पर नौकरी देने की मांग की। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से बहस हो गई। साथ ही धरनार्थियों ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को लेकर भी नाराजगी जताई।

ये है पूरा मामला

फलोदी के भीखमकोर गांव के मुख्य स्टैंड पर 21 मार्च की दोपहर तीन बजे बाइक पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने पुरानी रंजिश के चलते रावल सिंह पातावत (26) को ताबड़तोड़ गोलियों से भून दिया था। इसके बाद वह खून से लथपथ हालत में जमीन पर गिर गया, तो बदमाशों ने पास जाकर सिर में गोली मार दी थी। तीनों बदमाश हेलमेट लगाकर आए थे। वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी घटनास्थल पर पहुंचे थे।

रावल सिंह के साथ पहले भी हुई थी मारपीट की घटना

मारवाड़ राजपूत समाज समाज के हनुमान सिंह खांगटा ने बताया- रावल सिंह पातावत के साथ पिछले साल भी मारपीट की घटना हुई थी। इसमें रावल सिंह के हाथ-पैर तोड़ दिए गए थे। उन्होंने कहा- मामले में पुलिस की ओर से लापरवाही बरती गई। इससे आरोपियों को जमानत मिल गई। इसके चलते अब रावल सिंह को जान गंवानी पड़ी। इस मामले में उन्होंने मांग की है कि हम यही चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

पुलिस और अपराध का गठजोड़ आ रहा नजर

समाज के नेता शंभूसिंह मेड़तिया ने कहा- इस मामले में पुलिस और अपराधियों का गठजोड़ दिख रहा है। ओसियां क्षेत्र में अपराध पनप रहा है, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस घटना से पहले मृतक रावलसिंह के हाथ-पांव तोड़ दिए गए, लेकिन पुलिस, डॉक्टर आदि की मिलीभगत से आरोपियों को थाने में ही फ्री कर दिया गया।

इस घटना के बाद अपराधियों के हौंसले बुलंद हुए। इसके बाद उन्होंने हत्याकांड को अंजाम दे दिया। हमारी मांग है कि इस मामले में मृतक के आश्रितों को नौकरी दी जाए, आर्थिक सहायता दी जाए। इसके साथ ही आरोपियों के मकान पर बुलडोजर चलाया जाए। साथ ही मेड़तिया ने कहा कि राजस्थान अब बिहार बन रहा है। अपराध की घटनाएंराजस्थान पर कलंक है। यदि इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

MLC में भी डॉक्टर और पुलिस ने मिलीभगत की सामने आई

समाज के लोगों के साथ पुलिस की बहस हुई। समाज के लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा- चार महीने पहले रावल सिंह के हाथ-पांव तोड़ दिए गए। उसके पांवों में रॉड डालनी पड़ी। उसे बेरहमी से मारा गया, लेकिन MLC में भी डॉक्टर और पुलिस ने मिलीभगत की।

केंद्रीय और कैबिनेट मंत्री को लेकर दिखा गुस्सा

मथुरादास माथुर हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठे समाज के नेता इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से नाराज दिखे। धरने में मौजूद लोगों ने कहा- विधानसभा क्षेत्र लोहावट का यह मामला है, लेकिन अभी तक ना वह खुद यहां पहुंचे और ना ही कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे बात करने पहुंचा।

लोगों ने कहा- केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को समाज के लोगों ने वोट दिए थे, लेकिन धरना स्थल पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित नहीं किया। इसके चलते अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे और अभी तक परिवार न्याय के इंतजार में है।वहीं लोगों ने कहा- जब उनका बेटा चला गया, तब मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर कहां चले गए। उन्हें यहां आकर मदद करनी चाहिए थी।

About The Author

You cannot copy content of this page