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बाली। बाली उपखंड के आदिवासी बाहुल्य काकराडी गांव की एक हाई रिस्क गर्भवती महिला की समय रहते उचित चिकित्सा एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. भरत टेलर की सूझबूझ से सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। मामले की जानकारी मिलते ही ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हितेन्द्र वागोरिया भी बाली जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां उन्होंने महिला के स्वास्थ्य की जानकारी ली, परिजनों से मुलाकात की तथा सफल उपचार के लिए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. भरत टेलर की सराहना की।
परिजनों के अनुसार काकराडी निवासी मुकेश गरासिया अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर सबसे पहले बेड़ा चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जांच के दौरान महिला का रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) अत्यधिक होने के कारण मामला हाई रिस्क पाया गया। वहां के चिकित्सकों ने सुरक्षित प्रसव के लिए महिला को तत्काल बाली जिला चिकित्सालय रेफर करने की सलाह दी।
मुकेश गरासिया ने बताया कि उनकी पत्नी की पहली डिलीवरी भी हाई रिस्क थी, जिसमें नवजात की मृत्यु हो गई थी। इस बार भी ऐसी ही स्थिति बनने से पूरा परिवार चिंतित था। उन्होंने ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हितेन्द्र वागोरिया से फोन पर संपर्क कर सहायता मांगी। डॉ. वागोरिया ने तत्काल महिला को बाली जिला चिकित्सालय पहुंचाने का निर्देश दिया और आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित करवाई।
बाली जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. भरत टेलर ने गंभीर स्थिति के बावजूद धैर्य, अनुभव और कुशल चिकित्सा प्रबंधन का परिचय देते हुए महिला की सफल एवं सुरक्षित डिलीवरी करवाई। प्रसव के बाद महिला ने स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
परिवार में दीपावली जैसा माहौल
मुकेश गरासिया ने भावुक होकर बताया कि पहली संतान को खोने के बाद इस बार भी पूरे परिवार को अनहोनी का डर सता रहा था। लेकिन डॉ. भरत टेलर ने हमारे लिए भगवान का रूप बनकर हमारी पत्नी और बच्चे दोनों की जान बचाई। सुरक्षित डिलीवरी के बाद पुत्र रत्न की प्राप्ति से पूरे परिवार में दीपावली जैसा उत्सव का माहौल है। उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. भरत टेलर एवं ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हितेन्द्र वागोरिया का सहयोग एवं संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।


