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सोजत-पुजारी प्रदीपदास वैष्णव 43 दिन की पैदल यात्रा पूरी कर हिमालय के गंगोत्री ग्लेशियर से कावड़ में गंगाजल लेकर सोजत पहुंचे। उन्होंने यह यात्रा सावन माह में होने वाले महारुद्र कार्यक्रम की सफलता और सोजत की आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने के उद्देश्य से की है। सोजत पहुंचने पर चारभुजा मंदिर में उनका स्वागत किया गया।
1200 किलोमीटर की पैदल यात्रा 43 दिन में पूरी की
पुजारी प्रदीपदास ने बताया कि उन्होंने 12 मई को गंगोत्री ग्लेशियर के पास गोमुख से गंगाजल भरकर अपनी यात्रा शुरू की थी। 1200 किलोमीटर की यह पैदल यात्रा 24 जून को 43 दिनों में पूरी हुई।
यात्रा के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हिमालय की कड़ाके की ठंड और मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी के कारण शरीर का संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो गया था। थकान इतनी थी कि हौसला टूटने लगा, लेकिन भगवान भोलेनाथ की कृपा से यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
सावन के शुक्ल पक्ष में मलकेश्वर महादेव मंदिर पर महारुद्र का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य सोजत की आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाना और लोगों में भगवान के प्रति श्रद्धा को विकसित करना है। प्रदीपदास महाशिवरात्रि से केवल फलाहार पर हैं और महारुद्र के सफल आयोजन के बाद ही अन्न ग्रहण करेंगे।2016 में 800 किलोमीटर की हरिद्वार यात्रा की थी
इस यात्रा में अमृत बंजारा सहयात्री के रूप में बाइक पर सामान लेकर उनके साथ चल रहे थे। यह प्रदीपदास की दूसरी पैदल आध्यात्मिक यात्रा है। इससे पहले 2016 में उन्होंने हरिद्वार से 800 किलोमीटर की पैदल कावड़ यात्रा कर सोजत में भगवान मलकेश्वर महादेव का अभिषेक किया था।
इन्होंने किया स्वागत
सोजत पहुंचने पर जगदीशसिंह गहलोत, जगदीश पाराशर, बहादुरसिंह खींची, राधेश्याम अग्रवाल, मोतीसिंह राजपुरोहित, श्रवणसिंह राजपुरोहित, हरीनारायण पाराशर, ओमनारायण पाराशर, गिरिराज पाराशर (जयपुर), घनश्याम अग्रवाल, पुजारी ओमप्रकाश जोशी, कमलसिंह चौहान, कृष्णा टेलर, रणजीतसिंह और ज्योति टेलर सहित कई मोहल्लेवासियों और महिलाओं ने उनका स्वागत किया।


