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उदयपुर-उदयपुर में शहर विधायक ताराचंद जैन के PA के वॉट्सएप स्टेटस से पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग में नेताओं की पसंद और डिजायर सामने आ गई है। मामला सीआई सुखदेव सिंह को उदयपुर शहर में ही रखने और 8 थानों की लिस्ट से जुड़ा है। साथ ही उदयपुर एसपी योगेश गोयल का भी जिक्र है। महज कुछ मिनट्स के बाद PA ने स्टेटस हटा दिए, लेकिन तब तक मामला चर्चा में आ गया।
दरअसल, विधायक ताराचंद जैन के PA (निजी सहायक) महेंद्र कुमार ने मंगलवार सुबह 11:42 बजे मोबाइल पर 4 स्टेटस लगाए। स्टेटस में सीधे-सीधे एसपी योगेश गोयल को संबोधित संदेश लिखा था। इसमें सीआई सुखदेव सिंह पुत्र सवाई सिंह का नाम लिखा था। साथ में लिखा उदयपुर शहर में ही रखवाना है। जैसी स्पष्ट मांग दर्ज थी। इसके बाद 8 थानों की लिस्ट दी गई थी, वह भी चौंकाने वाली थी। इसमें उदयपुर शहर के अम्बामाता, सवीना, प्रतापनगर, नाई, मावली, फतहनगर, खेरोदा और वल्लभनगर के नाम लिखे थे
पसंद के अधिकारियों को थाने की कमान दिलवाना चाहते हैं विधायक और नेता
सूत्रों के अनुसार हाल ही में एसआई से सीआई बने कई अधिकारियों को उदयपुर जिला आवंटित हुआ है, ऐसे में विधायक और बड़े नेता अपनी पसंद के अधिकारियों को डिजायर कर बड़े थाने की कमान दिलवाना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि 1-2 दिनों के अंदर उदयपुर में थानाधिकारियों की ट्रांसफर सूची आ सकती है, जिसमें शहर समेत जिले भर में थानाधिकारियों को इधर-उधर किया जा सकता है।
बीजेपी विधायक ताराचंद जैन के पीए के इस स्टेटस को भी आने वाली सूची के लिए उनकी पसंद की लाबिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। संभवत विधायक ताराचंद जैन के कहने पर पीए महेन्द्र कुमार ये मैसेज उदयपुर पुलिस में किसी मुखिया या अन्य अधिकारी को भेजे गए होंगे, तभी गलती से उनसे ये स्टेटस लग गए।
विधायक बोले- यह सामान्य प्रक्रिया
इस मामले में उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने बताया कि उनके पास कई सरकारी कर्मचारियों के प्रार्थना पत्र आते रहते हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है। हाल ही में उदयपुर रेंज में स्थानांतरित हुए पुलिस अधिकारियों की सूची में से कुछ उदयपुर जिले में आए हैं। एक अधिकारी का प्रार्थना पत्र था, जिसमें उन्होंने करीब 8 पुलिस थानों की सूची भेजते हुए उसमें से कहीं पर भी पोस्टिंग करवाने का निवेदन किया था।
विधायक जैन ने बताया कि PA महेंद्र वो प्रार्थना पत्र मुझे ही भेज रहे थे, तभी गलती से उनसे स्टेटस लग गया। इस तरह के प्रार्थना पत्र जनप्रतिनिधियों के पास रोजाना आते रहते हैं, यह सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पत्र को उन्होंने उदयपुर एसपी को नहीं भेजा है।


