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उदयपुर-उदयपुर के सायरा में फर्जी हॉस्पिटल चला रहे सरकारी नर्सिंग ऑफिसर को एपीओ कर दिया गया है। इस मामले में लगातार अनदेखी करने वाली सायरा चिकित्सा प्रभारी डॉ. निरमा दायमा को भी हटा दिया है।
सायरा के सरकारी अस्पताल में डॉ. निरमा की जगह अब डॉ. पिंकेश गुर्जर को लगाया गया है। सीएमएचओ ने शनिवार को छापेमार कार्रवाई की थी। नर्सिंग ऑफिसर जसराज सोलंकी सायरा सरकारी हॉस्पिटल (सीएचसी) में करीब 25 साल से तैनात है।
नर्सिंग ऑफिसर खुद के दो मंजिला घर में चला रहा था अवैध अस्पताल
नर्सिंग ऑफिसर खुद के दो मंजिला घर के 3 से 4 कमरों में करीब 9 बैड का अवैध रूप से अस्पताल चला रहा था। जहां सायरा अस्पताल की सरकारी दवाइयों का भी मरीजों के लिए उपयोग होता था। यहां इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को सरकारी अस्पताल की दवाइयां देता था।
सीएमएचओ ने शनिवार को की थी फर्जी अस्पताल में कार्रवाई
दरअसल, शनिवार को सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने इस फर्जी हॉस्पिटल में छापेमार कार्रवाई की। उन्होंने यहां से करीब 1 लाख रुपए कीमत की सरकारी दवाइयां और 2 लाख रुपए कीमत की बाहर की दवाइयां जब्त की।
प्राइवेट अस्पतालों में सरकारी दवाइयां मिलना गंभीर अपराध
सीएमएचओ ने बताया कि सरकारी दवाइयां मिलना बेहद गंभीर अपराध है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।CMHO ने चिकित्सा प्रभारी से सरकारी दवाइयों के बारे में पूछा
सीएमएचओ डॉ. आदित्य ने निरीक्षण के दौरान सायरा चिकित्सा प्रभारी डॉ. निरमा दायमा को मौके पर बुलाया था।
उन्हें नर्सिंग ऑफिसर के अवैध हॉस्पिटल में मिली सरकारी दवाइयां दिखाई और पूछा कि ये दवाएं आपके हॉस्पिटल की है?
इस पर डॉ. दायमा ने हां में जबाव दिया।
सीएमएचओ ने उनसे पूछा कि क्या आपके पास इसकी शिकायत नहीं आई।
इस पर डॉ. दायमा बोलीं- नहीं आई।
फिर सीएमएचओ बोले- मेरे पास शिकायत आ रही है, आपके पास क्यों नहीं आई।
