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उदयपुर-उदयपुर के देबारी से काया के बीच 24 किलोमीटर लंबे बाईपास के बीच आने वाले गांवों में जाने के लिए कोई सर्विस रोड नहीं होने से आक्रोशित आसपास के ग्रामीणों ने आज से आंदोलन का आगाज कर दिया है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है हाईवे पर चढ़ने और उतरने के लिए महज दो जगह सर्विस रोड दिए गए हैं। ऐसे में लोगों को हाईवे पर चढ़ने और उतरने के लिए चक्कर लगाना पड़ता है।
आज मेवाड़ किसान संघर्ष समिति ने आंदोलन का आगाज किया। रानीजी की बावड़ी पारा खेत पर सर्विस लेन रोड को लेकर आंदोलन शुरू किया। सर्विस रोड की मांग को लेकर विधिवत रूप से पूजा अर्चना कर आंदोलन की शुरुआत कर दी है। मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के संयोजक विष्णु पटेल ने बताया कि नेशनल हाईवे निकाला गया था तब अधिकारियों ने कहा था कि यहां पर सर्विस लेन बनाई जाएगी लेकिन हाईवे शुरू कर दिया लेकिन आज तक वावस सर्विस रोड के नाम पर कोई बात नहीं की। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन की अगली कड़ी में जिला कलेक्टर सहित नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों के कार्यालय के वहां पर धरना देकर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया जाएगा। कानपुर के पूर्व उप सरपंच मदनलाल डांगी ने नई सर्विस रोड बनने से तीन से चार किलोमीटर का व्यर्थ का चक्कर घटेगा वही उदयपुर शहर के प्रताप नगर चौराहा पर यातायात भी सुगम हो जाएगा। चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा से आने वाले हिरणमगरी उपनगरीय क्षेत्र के लोगों को प्रताप नगर के जाम से छुटकारा मिलेगा और व्यर्थ का चक्कर भी घटेगा।इस दौरान संघर्ष समिति के सह संयोजक प्रेम चंद पटेल, ग्राम पंचायत मनवाखेडा उपसरपंच शंभू लाल डांगी, कलडवास के सोहनलाल गमेती, बाबूलाल गमेती, उमरड़ा के पूर्व सरपंच भेरूलाल मीणा, पाराखेत के चुन्नीलाल खटीक, खरबड़िया के तोली राम डांगी, कानपुर खेड़ा के लक्ष्मण डांगी, कलडवास के नाना लाल डांगी, कानपुर के देवीलाल पटेल, शोभा लाल गर्ग आदि ने संबोधित किया।
इन गांवों के लोग हो रहे प्रभावित
उदयपुर के देबारी से काया हाईवे बाईपास पर रानी जी की बावड़ी पारा खेत मैन रोड उमरडा पर हाईवे अथॉरिटी के द्वारा सर्विसलेन रोड नहीं देने पर क्षेत्रीय हाईवे से लगते लगभग दो दर्जन से भी अधिक गांव कलड़वास, एकलिंगपुरा, मनवाखेड़ा, कानपुर खेड़ा, खरबड़िया, उमरड़ा, जापा, डेडक्या, आंबुआ, खारवा चांसदा, जगत, गींगला, वली लालपुरा, झामर कोटड़ा, समेता, लकड़वास, सहित दो दर्जन से भी अधिक गांवों के किसानों व ग्रामीणों को सर्विस रोड नहीं होने से काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
