बदला लेना चाहता था, इसलिए हकीम को जिंदा जलाया’: आग लगाकर टॉयलेट में बंद करके भागा था, आरोपी मौलवी पाली से गिरफ्तार
PALI SIROHI ONLINE
टोंक-टोंक की मस्जिद में बाथरूम गए नमाजी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूछताछ में आरोपी मौलवी ने बताया कि वारदात से एक दिन पहले उसके और मृतक में मामूली बात को लेकर मनमुटाव हुआ था। इसके बाद उसने सबक सिखाने की ठान ली और योजनाबद्ध तरीके से नमाजी को जिंदा जला दिया।
घटना टोंक के डिग्गी थाना क्षेत्र स्थित कलमंडा की मस्जिद में 19 मार्च की सुबह करीब 9 बजे हुई थी। घटना में ग्राम कलमंडा निवासी हकीम खान बुरी तरह झुलस गए थे। अगले दिन 20 मार्च को जयपुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
फरार आरोपी मस्जिद के मौलवी अब्दुल रशीद अहमद को पुलिस ने पाली जिले के मंडला क्षेत्र से आज रविवार को गिरफ्तार किया है। मामले में मृतक की पत्नी ने मौलवी पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।पेट्रोल डालकर नमाजी के आग लगाई, गेट बंद कर भाग गया था
मालपुरा एसपी आशीष प्रजापत ने बताया- 19 मार्च सुबह करीब 9 बजे ग्राम कलमंडा निवासी हकीम खान मस्जिद में ऐतफाक (धार्मिक ध्यान) कर रहे थे। इसी दौरान वह यूरिन के लिए मस्जिद के बाथरूम में गए।
तभी मस्जिद के मौलवी अब्दुल रशीद अहमद ने पूर्व नियोजित तरीके से बाथरूम की खिड़की से उन पर पेट्रोल छिड़क दिया।
आरोपी ने बाहर से ही आग लगा दी और बाथरूम का दरवाजा बंद कर मौके से बाइक पर फरार हो गया था। आग की लपटों में घिरे हकीम खान की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला।
तब तक हकीम खान गंभीर रूप से झुलस चुके थे। उन्हें तत्काल मालपुरा अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान 20 मार्च को उनकी मृत्यु हो गई थी।पत्नी ने दर्ज करवाई थी मर्डर की रिपोर्ट
डिग्गी थानाधिकारी गोपाल चौधरी ने बताया- घटना के बाद मृतक की पत्नी शहनाज बानो ने डिग्गी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसमें आरोपी मौलवी अब्दुल रशीद अहमद पर हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि घटना से एक दिन पहले यानी 18 मार्च 2026 को आरोपी और मृतक के बीच किसी बात को लेकर आपसी मनमुटाव हुआ था।
यह विवाद मामूली था, लेकिन आरोपी ने इसे दिल पर ले लिया और अगले ही दिन योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दे दिया। हत्या पूर्व नियोजित थी और आरोपी ने पूरी तैयारी के साथ वारदात की।
500 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पकड़ा आरोपी
आरोपी को पकड़ने के लिए करीब 50 से अधिक मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकाली गई। टावर लोकेशन के आधार पर आरोपी की मूवमेंट ट्रेक की गई। लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
साथ ही आरोपी के संभावित भागने के रास्तों का रूटमैप तैयार किया गया। 48 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने आरोपी अब्दुल रशीद अहमद को पाली जिले के मंडला क्षेत्र से डिटेन कर गिरफ्तार किया।

