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खीमाराम मेवाडा
शिक्षा को दिया दान कभी मिटता नहीं है इस दान की महता और फल पीढियों भोगिती है- प्रधानाचार्य
अब राजकीय अंग्रेजी उच्च माध्यम विद्यालय का आधुनिक संपूर्ण सुविधा युक्त बनेगा नया भवन,वार्षिकोत्सव एवं भामाशाह सम्मान समारोह के अवसर पर भामाशाह शांतिलाल सांकलचंद जैन ने की घोषणा,28 मार्च को कैबिनेट मंत्री के हाथों होगा नवीन भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम
तखतगढ 3 फरवरी (खीमाराम मेवाडा) मंगलवार को तखतगढ़ कस्बे के नेहरू रोड स्थित महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रांगण में विद्यालय परिवार एवं एसएमसी सदस्यो के सानिध्य मे सत्र 20025-26 का वार्षिकोत्सव एवं विशाल भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि अतिथि के तौर पर शाह शांतिलाल सांकरचंद जैन, शाह विशिष्ट अतिथि शाह घीसुलाल पादरली और अशोक भाई जैन पादरली, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुमेरपुर जीवाराम टांक सेवानिवृत्ति ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भगवान सिंह राणावत एवं धनाराम सोलंकी द्वारा विद्या देवी मां सरस्वती के आगे दीपक प्रभजिलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। बहारों के दौरान राजस्थानी वेशभूषा में सजी विद्यालय के छात्राओ द्वारा सरस्वती वंदना के साथ आवो नी पघारो म्हारे देश जैसे एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतीया दी।
इस अवसर पर पिछले सत्र में भामाशाह एवं बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों के हाथों प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देखकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार द्वारा मंच पर भामाशाहो के समक्ष सदियों पूर्व बनी विद्यालय की जर्जर हालत पर नजर डालते हुए विद्यालय का पुरा इतिहास दोहराया। दरमियां मुख्य अतिथि के तौर पर साथ शांतिलाल जैन द्वारा मंच को संबोधित करते हुए अपनी मातृ भूमि की इसी विद्यालय को जिले पर में बनी कई विद्यालयों में से टॉप लेवल और संपूर्ण सुविधाओं से सरजीत आधुनिक नया भवन बनाने की घोषणा कर दी और घोषणा के साथ-साथ 28 मार्च नवरात्रि के दिन कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के हाथों भूमि पूजन एवं शिलान्यास की भी घोषणा कर दी जिस पर समर्थ शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं विद्यालय परिवार सहित एसएमसी सदस्यों और अभिभावक को ने भामाशाह का आभार व्यक्त करते हुए मंच पर अभिनंदन पत्र देखकर सम्मानित किया गया।
शिक्षाविद सेवानिवृत शिक्षक एवं राष्ट्रपति सम्मानित मीठालाल जोशी ने कहां की इस विद्यालय के लिए महत्व आवश्यकता थी। जो अब नया भवन बनने से नगर वासियों के लिए मिल का पत्थर साबित होगी। साथ ही भवन ऐसा तैयार होगा जो 100 साल तक आंच नहीं आएगी। और जिसका नाम सुनहरे अक्षरो में लिखा जाएगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जीवाराम टांक ने कहा विद्यालय परिवार के लिए आज का दिन शुभ अवसर माना जाएगा और आज जो विद्यालय भवन के लिए घोषणा हुई है वहां काबिले तारीफ है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया से दूर रहने की हिदायत देते हुए का की शिक्षा के साथ- साथ राजस्थान की संस्कृति को बचाना है तो सोशल मीडिया से दूर रहना होगा। कार्यक्रम को सेवानिवृत्ति ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भगवान सिंह राणावत धनाराम सोलंकी ने भी संबोधित किया।
क्या है विद्यालय का इतिहास
विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार द्वारा भामाशाह के समक्ष झज्जर हालत में पडा विद्यालय का इतिहास दोहराते हुए बताया की इस विद्यालय का इतिहास कौतुहल से परिपूर्ण रहा है | इस विद्यालय के इतिहास पर गौर करे तो इस विद्यालय की शुरुआत आजादी से पूर्व एक जैन निजी मकान जिसे ‘हांड़ो का नोरा ‘ नाम से जानते थे वहा हुई ।
समय के साथ विद्यालय संचालन वर्तमान स्थल पर सन् 1964 में तत्कालीन ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित इस विद्यालय भवन में शिक्षण कार्य प्रारम्भ हुआ था। सन् 1964 से 2009 तक यह विद्यालय प्राथमिक विद्यालय के रूप में संचालित रहा। जिसका सन् 2009 में उच्च प्राथमिक स्तर में क्रम्मोनत हुआ। जो सन् 2009 से 2022 तक यह उच्च प्राथमिक विद्यालय के रूप शिक्षा सेवा अनवरत रूप से प्रदान करता रहा, तत्पश्चात 2022 में राजस्थान सरकार द्वारा महात्मा गाँधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के रूप में रूपान्तरित कर इसे उच्च माध्यमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम बनाया गया एवं नगर वासियों को अंग्रेजी माध्यम से पढने के अवसर को सुलभ कराकर शिक्षा सौगात प्रदान की। जो आरम्भ से लेकर अब तक इस विद्यालय ने शैक्षिक एवं सहशैक्षिक गतिविधियों में कुशल योग्य एवं प्रभावी प्रतिभाओ के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है।
अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के रूप में प्रथम बार बोर्ड परीक्षा सत्र 2024-25 कक्षा दस का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है | वर्तमान में यह विद्यालय कम शिक्षण स्टाफ के साथ भी शैक्षिक तथा सहशैक्षिक क्षेत्र बेतहर कार्य करने का सत् एवं कठोर प्रयास कर रहा है। यहा बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए सक्षम शिक्षण संसाधनों के साथ भौतिक संसाधनों का होना भी अतिआवश्यक है।|
सभो मौसम के अनुकूल एक विद्यालय भवन इस भौतिक जरुरतो में प्राथमिक और महत्वपूर्ण आवश्यकता है। जिससे ही विधार्थियों का कक्षा शिक्षण अच्छे ढंग से होना सुनिश्चित होता है। और यह विद्यालय इस भवन सम्बंधित आवश्यकता से बूरी तरह जूझ रहा है।, और बिफर जॉय जैसे तूफान ने इसे बूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। वर्तमान में यह विद्यालय भवन विद्यालय स्तर (उ.मा.) के लिए अप्रर्याप्त एवं इस संदर्भ में दानवीर भामाशाहो से निवेदन करना चाहता हूँ कि यदि आपके उदार भाव का वरदान इस विद्यामंदिर को मिल जाए तो पुनः यह तखतगढ़ नगर वासियों के लिए अपने सपनो को साकार करने के लिए आधार भूमि अगले कई वर्षों और पीढियों के सत् बना रहेगा ।
शिक्षा को दिया दान कभी मिटता नहीं है इस दान की महता और फल पीढियों भोगिती है। आप सब प्रबुद्ध और समाजसेवी नगरवासी विद्यालय से जुड़े रहे और इस विद्यालय के विकास में अपना योगदान प्रदान करावे ।

