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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ़ की मुख्य सड़कों पर हर दिन मौत के बाद भी प्रशासन की आंख-मिचौली
बढता भारी वाहनों का दबाव, बाईपास के अभाव में नगरवासी भय के साये में
भारी वाहनो पर रोक को लेकर बाईपास की उठी मांग
तखतगढ 10 फरवरी (खीमाराम मेवाडा) तखतगढ़ कस्बे का मुख्य बाजार मार्ग पादरली रोड से चक्की गली आज विकास का नहीं, बल्कि अव्यवस्थित यातायात और संभावित हादसों का प्रतीक बनता जा रहा है। प्रतिदिन भारी एवं अतिभारी वाहनों का इसी संकरे मार्ग से गुजरना आमजन के लिए गंभीर संकट का कारण बन चुका है। इसी संकडे सड़क पर तखतगढ से आहोर तहसील एव भाद्राजून तहसील के दजॅनो गावो तक भारी वाहन पत्थरों एवं कंक्रीट भरकर डंपर ट्रेलरो का आवागमन बढता जा रहा है। जबकी इसी सड़क मार्ग पर कई सरकारी व निजी विद्यालय, प्रमुख बाजार, रिहायशी कॉलोनियां धनी आबादी क्षेत्र के साथ साथ धार्मिक स्थल भी हैं।और जगह-जगह 15 फीट की ऊंचाई पर झूलते विद्युत तारों की लाइन भारी वाहन स्पार्क होते जा रहे हैं। जिससे हर समय भीड़भाड़ बनी रहती है। बाईपास सड़क के अभाव में पूरा ट्रैफिक दबाव कस्बे के बीचोंबीच आ गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह और शाम के समय हालात सबसे अधिक भयावह हो जाते हैं। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का सुरक्षित आवागमन मुश्किल हो गया है।जहा पूर्व मे मुख्य बाजार के नुक्कड़ पर कई लोगो की मौत भी हो चूकी है और कई बार बड़े हादसे होते-होते बचे हैं। लेकिन अब स्थिति इस कदर दिन-ब-दिन नाजुक होती जा रही है। कि किसी भी दिन अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर तखतगढ़ में बाईपास सड़क की मांग अब साझा जन-आवाज बन चुकी है। नागरिक, व्यापारी और जनप्रतिनिधि एक स्वर में समाधान की मांग उठा रहे हैं। अब देखने वाली बात यह है कि जिम्मेदार तंत्र समय रहते जागता है या किसी अप्रिय घटना का इंतजार करता रहैगा। चकी गली निवासी एडवोकेट मुकेश सुथार ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में तखतगढ़ में आयोजित जनसुनवाई के दौरान स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को ज्ञापन सोपा गया था। दरमियांन कैबिनेट मंत्री द्वारा तुरंत प्रभाव से सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को भी अवगत करने पर आगामी बजट में पास करवाने की बात कही थी। उनहो ने यह भी बताया की हर दिन बच्चों को सड़क पार करवाते समय दिल कांप जाता है। भगवान भरोसे नहीं रहना चाहते, समाधान होना चाहिए।
निवतॅमान नेता प्रतिपक्ष का सवाल — संवेदनशीलता जरूरी
तखतगढ़ नगर पालिका के निवतॅमान नेता प्रतिपक्ष अनराज मेवाड़ा ने कहा बाईपास सड़क की मांग कोई नई नहीं है। इसे बार-बार उठाया गया, लेकिन अब तक ठोस परिणाम सामने नहीं आए। हम विनम्र आग्रह करते हैं कि प्रशासन इस मुद्दे को राजनीतिक दृष्टि से नहीं, मानवीय दृष्टि से देखे। किसी बड़ी दुर्घटना के बाद पछतावे से बेहतर है कि समय रहते निर्णय लिया जाए।”
व्यापारियों की आवाज — सुरक्षा ही सबसे बड़ा व्यापार
पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष जितेन्द्र चांदोरा ने कहा कि “भारी वाहनों और जाम के कारण ग्राहक असहज महसूस करते हैं, इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है।” रही बात बाईपास की तो जब तक बाईपास नहीं बने तब तक पीऐल मिस्त्री सर्कल ट्रैफिक इंचार्ज लगाया जाए तो बेहतर रहेगा।
व्यापार मंडल अध्यक्ष मनरूपमल सुथार ने भावुक शब्दों में कहा, कहीं मर्तबा ओवरलोडिंग भारी वाहनों द्वारा बिजली के तारों को तोड़ा गया साथी ऐसे वाहनों से हर वर्ष चकी गली में पानी की पाइप लाइन में भी टूटने से नगर पालिका को नुकसान को भुगतना पड़ रहा है।
“हम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से निवेदन करते हैं कि इस समस्या को गंभीरता से लें। व्यापारी वर्ग किसी टकराव में नहीं जाना चाहता, हमें सिर्फ इतना चाहिए कि बाजार, बच्चे और नागरिक सुरक्षित रहें। बाईपास सड़क तखतगढ़ के भविष्य की बुनियाद है।”
निवतॅमान पार्षद भंवर मीना का आग्रह
निवतॅमान पार्षद भंवर मीना ने कहा,
“मैं एक निवतॅमान पार्षद होने के साथ-साथ इसी कस्बे का नागरिक हूं। जब भारी वाहन स्कूल के सामने से गुजरते हैं तो दिल दहल जाता है। प्रशासन से करबद्ध निवेदन है कि जब तक बाईपास नहीं बनता, तब तक भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्त रोक लगाई जाए। यह बच्चों और आमजन की सुरक्षा का प्रश्न है।”
कुल मिलाकर तखतगढ़ में बाईपास सड़क की मांग अब साझा जन-आवाज बन चुकी है। नागरिक, व्यापारी और जनप्रतिनिधि एक स्वर में समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखने वाली बात यह है कि जिम्मेदार तंत्र समय रहते जागता है या किसी अप्रिय घटना का इंतजार किया जाएगा।
यहा से हो सकता है, बाईपास
यदि स्थानिय कैबिनेट मिनिस्टर और सार्वजनिक निर्माण विभाग तखतगढ कै लिए बाईपास कै प्रयास करे तो नयाखेडा मागॅ स्थित धवलिया चौकी से जवाई नहर के सहारे एक साइड की पटरी की तरफ सिचाई विभाग कैबिनेट अधिन काफी जगह है। जो नहर के सहारे होते हुए एनएच 325 सै जोड़कर बाईपास बनाया जा सकता है।और तखतगढ वासीयो को राहत महसूस हो सकती है।


