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खीमाराम मेवाडा
राजस्थान में पहला मामला तखतगढ़ में गौ माता ‘काजल’ की मौत के बाद शोक सभा एवं प्रसादी का हुआ आयोजन
सनातन धर्म प्रेमियों ने श्रद्धांजलि देकर सेवा-संवेदनशीलता और करुणा का दिया संदेश
तखतगढ 26 दिसंबर (खीमाराम मेवाड) आपने अपने जीवन में किसी मनुष्य की मौत के बाद सामाजिक रीति रिवाज के अनुसार 12 दिन शोक सभा एवं गंगा प्रसादी में भाग जरूर लिया होगा। लेकिन किसी मुखप्राणी या गौ माता की मौत के बाद 12वे दिन शोक सभा आयोजन करना और प्रसादी वितरण करना शायद नहीं देखा होगा। लेकिन राजस्थान के पाली जिले के तखतगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में पहली बार ऐसा मामला सामने आया है। की तखतगढ़ कस्बे से गुजरते नेशनल हाईवे 325 स्थित नहर के पास श्री गऊ गोपाला फार्म हाउस पर 16 दिसंबर को पहली बार एक गौ माता के निधन होने पर तखतगढ़ के रामदेव गली निवासी एवं गौ भक्त जगदीश कुमार रावल द्वारा काफी लंबे समय से फालना रोड स्थित तखतगढ़ नहर के पास स्वयं के खेत में ही गौ गोपाला फार्म हाउस संचालित कर यथाशक्ति 12 गौ माता की सेवा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। कई मतॅबा रावल अपने गोपाला फार्म हाउस पर छोटे-छोटे बछड़ों एवं गौ माता को प्रतिदिन गर्मियों के दिनों में स्नान करवा कर नन्हे मुन्ने बछड़ों को स्नान करवरकर दुलारते हुए। अपनी मां की तरह बछड़ों को प्यार देना और उनके स्वास्थ्य पर पूरा ख्याल रखना और उनकी बेटियों के नाम ही गौ माता का नाम रखना यही उनकी सबसे बड़ी सेवा थी। लेकिन एक गौ माता काजल के अचानक ही निधन होने पर फार्म हाउस पर कार्यरत गौ भक्तों ने गौ माता को चुनरी ओढाकर गुलाल उड़ा कर अपने ही खेत में जेसीबी मशीन से खड़डा खोद कर उसमें नमक डालकर भगवा वस्त्र बीछाकर गाय माता को चुनरी ओढाकर गुलाल उड़ा कर हिंदू रीति रिवाज के अनुसार ढोल थाली की गुंजायमान के साथ विधिवत समाधि देखकर अंतिम संस्कार किया गया।
12वे दिन शोक सभा एवं प्रसादी का हुआ आयोजन
गौ माता काजल की स्मृति में शुक्रवार को गौ भक्त जगदीश रावल द्वारा रीति रिवाज एवं रसों के अनुसार श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन के साथ महाप्रसादी भी आयोजित की।
16 दिसंबर को गौ माता काजल का निधन हो गया था। गौ भक्त जगदीश रावल ने काजल को अपनी बेटी की तरह स्नेहपूर्वक पाला और वर्षों तक उनकी सेवा की। काजल के निधन से व्यथित होकर उन्होंने सर्व समाज को गौ सेवा और करुणा का संदेश देने के उद्देश्य से उन्होंने सामाजिक रीति रिवाज एवं रसों के साथ 12वे दिन शोक सभा एवं महाप्रसादी को लेकर आमंत्रण पत्रिका छपवाकर सर्व समाज एवं सनातन धर्म प्रेमियों को सोशल मीडिया के जरिए सभी को आमंत्रण भेजा।
और शुक्रवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में तखतगढ़ शहर सहित बलाना से दर्जनों लोगों ने भाग लिया। और गौ माता काजल की तस्वीर के आगे पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धा- सुमन अर्पित किए और उनकी स्मृतियों को नमन किया।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार जितेंद्र
बबेरवाल,पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष जितेंद्र चांदोरा, उद्योग व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष विनोद सोलंकी, पार्षद सुरेश कुमार सुथार, पूर्व पार्षद शेषमल कुमावत,पार्षद प्रकाश कुमार सोलंकी, पूर्व पंचायत समिति सदस्य कुंदन सिंह (बलाना), ग्राम पंचायत बलाना के प्रशासक शंभूराम मीणा, मोहनलाल मालवीय, रमेश माली, दिनेश कुमावत,सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता व गौ भक्त उपस्थित रहे। नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार ने कहा कि गौ सेवा हमारी संस्कृति की पहचान है और यह कार्यक्रम समाज में संवेदनशीलता व जिम्मेदारी का संदेश देता है। वहीं गौ भक्त जगदीश रावल ने भावुक होते हुए कहा कि काजल केवल एक गौ माता नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य थीं, जिनकी सेवा करना जीवन का सौभाग्य रहा। पार्षद सुरेश सोलंकी ने गौ संरक्षण और सेवा को सामाजिक दायित्व बताते हुए युवाओं से आगे आने का आह्वान किया।
गौ माता पर आयोजित ऐसे श्रद्धांजलि कार्यक्रम यह संदेश देते हैं कि करुणा, सेवा और सहअस्तित्व हमारी सांस्कृतिक विरासत के मूल मूल्य हैं। गौ सेवा न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि यह मानवीय संवेदना, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है।
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