सुमेरपुर विधायक कुमावत ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर रिक्त पडे पदों को भरने व अन्य मांगों को पूर्ण करने की मांग की

PALI SIROHI ONLINE

सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत ने शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा से मुलाकात कर शिक्षा क्षेत्र में रिक्त पडे पदों को भरने, विषय खुलवाने व अन्य मांगों को पूर्ण करने की मांग की।

सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत ने विधानसभा क्षेत्र सुमेरपुर में शिक्षा के क्षेत्र में रिक्त पदों को पूर्ण करवाने, विद्यालयों में नये विषय वर्ग खुलवाने, विद्यालयों को क्रमोन्नत करवाने एवं विद्यालयों में नवीन कमरों के निर्माण सहित अन्य मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री गोविन्दसिंह डोटासरा से मुलाकात की।

सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत ने मांग पत्र में बताया कि सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में आज भी काफी सुविधाओं का अभाव है। शहरी परिवेश की बात करे तो यहां शिक्षा के स्तर में काफी सुधार है, परन्तु ग्रामीण अंचल में सरकारी स्कूलों शिक्षा का स्तर आज भी कमजोर है।

इसका मुख्यतः कारण अध्यापक एवं स्टाफ की कमी, कक्षा कक्षों की कमी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इस कारण बच्चें निजी स्कूलों में प्रवेश लेने हेतु मजबूर है। सरकार की तरफ से शिक्षा को बढावा देने व सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलवाने के लिये योजनाये ंतो काफी बनती है, पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बच्चें सरकारी स्कूलों में प्रवेश नही ले पाते है। बालिका शिक्षा और उच्च शिक्षा की बात करे तो आज भी काफी गांवों में उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यालय नही है और यदि है तो वहां वो विषय नही है, जिनका चयन कर छात्र अपना करियर निर्माण कर सके। ऐसी परिस्थिति में दूसरें शहरों से आवागमन करना पडता है, और आवागमन व अन्य परिस्थितियों के कारण उन्हें बीच में ही पढाई छोडनी पड जाती है। विषयाध्यापकों और स्टाफ की कमी तो एक मुख्यतः मुद्दा रहा ही है, जो शिक्षा को प्रभावित करता है। इस प्रकार विधायक कुमावत ने क्षेत्र प्रवास के दौरान व विभिन्न जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में आ रही समस्याओं के बारें में अवगत करवाया तथा शिक्षा के क्षेत्र में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिये शिक्षा मंत्री डोटासरा से मांग की तथा ये भी कहा गया कि इन मांगों को पूर्व में विधानसभा सदन में तथा पत्राचार-व्यक्तिगत मुलाकातों के माध्यम से भी रखा गया था, किन्तु आज भी इनके परिणाम नगण्य है। वर्तमान आवश्यकताओं को देखते हुये इनका पूर्ण किया जाना आवश्यक है, तभी जनता पूर्ण रूप से शिक्षा के क्षेत्र में विकास पर अपना विश्वास जता पायेगी। और हम एक अच्छे शिक्षित राज्य का निर्माण कर पायेंगे।

महत्वपूर्ण मांगेः

  1. प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों मंे शुद्ध पेयजल, कक्षा कक्ष, बिजली, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  2. उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विषय वर्ग खुलवानाः
    विज्ञान विषयः भांवरी, खैरवा, पावा, खिवान्दी, डेन्डा, खौड, नोवी
    जीव विज्ञानः तखतगढ, चाणोद
    गणितः तखतगढ, चाणोद
    कृषि विज्ञानः चाणोद
    गृह विज्ञानः चाणोद(बालिका)
    अंगे्रजीः भांवरी,
    वाणिज्यः खिवान्दी
  3. विषयाध्यापकों और अध्यापकों के रिक्त पदों को भरवानाः
  4. विद्यालयों को क्रमोन्नत करवानाः
  5. विधानसभा क्षेत्र सुमेरपुर के रा.उ.मा.वि. और माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा कक्षों का निर्माण
    राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयः मांडल, खौड, चांचोडी, भाचुन्दा, बडगांवडा, हिंगोला, बांगडी, साण्डेराव, जाखोडा, पावा, गोगरा, देवतरा, दुजाना, बलुपुरा, बांकली, कोरटा, सलोदरिया, पोमावा, सुमेरपुर, सुमेरपुर बालिका, तखतगढ, बडेरवास, गुडा एन्दला, डिंगाई, लाम्बिया, कूरना, बाणियावास, भांगेसर, साम्पा, गोदावास, डरी, साकदडा, इन्द्रा नगर, सरूपावास, भांवरी
    राजकीय माध्यमिक विद्यालयः साली, भावनगर, केडिया की ढाणी दयालपुरा, काणदरा, जवडिया
  6. सुमेरपुर स्थित ईडब्ल्यूएस काॅलोनी विवेकानन्द नगर में पूर्व में संचालित राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय को पुनः खुलवाना।