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खीमाराम मेवाडा
भगवान के द्वार जाने वाले यात्रियाें की सेवा से बढ़कर और काेई पुण्य कार्य नहीं हाे सकता- पूर्व प्रधान मेवाड़ा
बाबा के जयकाराें के बीच बापूनगर हाईवे पर भंडारे का शुभारंभ, एक माह तक चलेगा
तखतगढ 26 जुलाई;(खीमाराम मेवाडा) राष्ट्रीय राजमार्ग 62 पर बीपी पेट्राेल पंप के पास बापूनगर सरहद पर जन-जन की अास्था के प्रतीक व कलयुगी अवतार बाबा रामदेव के दर्शनार्थ जाने वाले भक्तजनाें के लिए निशुल्क भंड़ारे का शुभारंभ सुमेरपुर विधानसभा कांग्रेस प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा द्वारा किया गया। बाबा रामदेवजी के जयकाराें के साथ पूर्व प्रधान मेवाड़ा ने बाबा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर व द्वीप प्रज्जवलित कर पुजा अर्चना कर व अारती कर भंडारा शुरू किया। संत नारायणदास महाराज के सानिध्य में यह भंडारा एक माह तक चलेगा। प्रबुद्धजनाें द्वारा पूर्व प्रधान मेवाड़ा का माला व साफा पहनाकर बहुमान किया गया। भंडारा शुभारंभ समाराेह काे संबाेधित करते हुए पूर्व प्रधान मेवाड़ा ने कहा कि रामदेवरा पैदल यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सेवा करना अपने आप में एक महान पुण्य का कार्य है। भगवान के द्वार की ओर बढ़ने वाले इन भक्तों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता। यह सेवा न केवल तन की थकान मिटाती है, बल्कि मन को भी शांति और आत्मिक संतोष प्रदान करती है। बाबा रामदेव जी की कृपा उन सभी पर अवश्य बरसती है, जो निस्वार्थ भाव से यात्रियों की सेवा में लगे रहते हैं। सच्चा भक्ति भाव वही है, जहाँ मनुष्यता और सेवा दोनों साथ चलें। रामदेवरा पैदल यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, यह आस्था, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम है। ऐसे में इन यात्रियों की सेवा करना, वास्तव में भगवान के ही चरणों में सेवा करने के समान है। उन्हाेंने अामजन से धार्मिक कार्याें में दान देने की अपील की।
संत नारायणदास महाराज ने बताया कि रामदेवरा जाने वाले भक्ताें की सुविधा के लिए हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह 11वां भंड़ारा लगाया गया है। जिसमें बापूनगर व नेहरूनगर वासी तन-मन से जातरूओ की सेवा में लगे हुए है। यहा भंडारे में उन्हें चाय, नाश्ता व सुबह-शाम का भाेजन निशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही रात मंे ठहरने की भी व्यवस्था दी जा रहीं है। उन्हाेंने बताया कि भंडारा 26 अगस्त तक चलेगा। इस माैके पर पालडीजाेड़ ग्राम पंचायत प्रशासक महेन्द्रसिंह मेवाड़ा, भंवरलाल, गणेशराम, कस्तुराराम, देशाराम, हिरजी बाबूजी, कपुराराम, जेठाराम समेत अन्य श्रद्धालुजन माैजूद रहे।