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खीमाराम मेवाडा
सुमेरपुर में अवैध एंबुलेंस संचालन और मनमानी वसूली के आरोपों ने उपजा नया विवाद, निजी एंबुलेंस एसोसिएशन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कायॅवाही की उठाई मांग
तखतगढ 28 फरवरी (खीमाराम मेवाडा) सुमेरपुर में अवैध एंबुलेंस संचालन और मनमानी वसूली के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। निजी एंबुलेंस एसोसिएशन सुमेरपुर ने शनिवार को उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और अवैध रूप से चल रही एंबुलेंसों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को समाचार प्रकाशित के बाद मामला उजागर हुआ। एसोसिएशन का आरोप है कि बिना पंजीकरण के कुछ एंबुलेंस चालक अस्पतालों के बाहर डेरा डालकर मरीजों और उनके परिजनों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इससे आमजन आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं और अधिकृत चालकों की साख पर भी असर पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद सभी की नींद उड़ गई।
*₹5 हजार वसूली का मामला बना सुर्खियां*
ज्ञापन में हाल ही में सामने आए एक प्रकरण का जिक्र किया गया है। जिसमें एक निजी अस्पताल के बाहर एंबुलेंस चालक द्वारा मरीज के परिजन से ₹5000 वसूलने का आरोप है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे चालक मरीजों को दबाव बनाकर अपनी एंबुलेंस में बैठाने का प्रयास करते हैं। और निर्धारित दरों से अधिक किराया मांगते हैं।
*सांसद का नाम लिखी एंबुलेंस पर सवाल*
विवाद उस समय और गहरा गया जब एक एंबुलेंस पर लुंबा राम चौधरी (सिरोही सांसद) का नाम अंकित होने की बात चर्चा में आई। आरोप है कि नाम का उपयोग प्रभाव जमाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।
*अस्पताल परिसरों में ‘अवैध कब्जा’ का आरोप*
दिए गए ज्ञापन में बताया कि”
सुमेरपुर के कई निजी अस्पतालों के बाहर एंबुलेंसों का जमावड़ा लगा रहता है। अधिकृत चालकों का आरोप है कि अवैध संचालक अस्पताल परिसरों के बाहर खड़े होकर व्यवस्था को बाधित कर रहे हैं। एसोसिएशन ने इसे “व्यवस्था के साथ खिलवाड़” बताते हुए कहा कि इससे मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
*नर्सिंग स्टाफ पर भी गंभीर आरोप*
ज्ञापन में कुछ निजी और सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ पर भी एंबुलेंस चालकों से अवैध रूप से रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है।
एसोसिएशन का दावा है कि “राशि नहीं देने पर मरीजों को एंबुलेंस में बैठने से रोका जाता है।” यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो मामला और गंभीर हो सकता है।
प्रशासन की अग्निपरीक्षा
एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि:क्षेत्र में संचालित सभी एंबुलेंसों की सघन जांच हो,अवैध एंबुलेंसों पर तत्काल रोक लगे,दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो,
केवल पंजीकृत एंबुलेंस चालकों को ही सेवा की अनुमति मिले।
चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
अब बड़ा सवाल यह है—क्या प्रशासन सख्ती दिखाएगा या अवैध एंबुलेंस संचालन यूं ही चलता रहेगा? सुमेरपुर में एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे सवालों ने स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
[28/02, 5:11 pm] .: अणगौर में अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों का धरना, प्रशासन के आश्वासन पर हुआ समाप्त
तखतगढ 28 फरवरी (खीमाराम मेवाडा) सुमेरपुर उपखंड क्षेत्र की पंचायत गलथनी के ग्राम अणगौर में शनिवार को अवैध खनन के विरोध में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व में उपखंड अधिकारी व खनन विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे आक्रोश बढ़ा।
सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार व सुमेरपुर सिटी थाना अधिकारी मौके पर पहुंचे और लंबी वार्ता के बाद ग्रामीणों को समझाइश दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भारी वाहनों की आवाजाही से मकानों में दरारें आ रही हैं तथा रात्रि में अवैध बजरी खनन भी जारी है।
प्रशासन ने मांगों पर सहमति जताते हुए भारी वाहनों पर रोक और निगरानी का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि वादा खिलाफी पर आंदोलन फिर होगा।


