मन से मजबूत,सात्विक कर्म सकारात्मक विचार ही कोरोना की एंटीबाडी : कुमावत

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मन से मजबूत, सात्विक कर्म व सकारात्मक विचार ही कोरोना की एंटीबाडी :- पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत

एक व्यक्ति एक पौधा मिशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण व परिंडा भरो अभियान का शुभारंभ नीलकंठ महादेव मंदिर सुमेरपुर से किया,

कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल की पालना करते हुए शिक्षा कांति रंग मंच, सिह प्रस्थ मामाजी तालाब, सिटी जी एस. एस 33/11, मोक्षधाम छावनी, सरकारी अस्पताल, पोस्ट आफिस राजकीय विद्यालय व आसपास गाँव में पहुंचकर, दुपहिया वाहन पर कुमावत व उन्हें सहयोगी राजेश कुमार मालवीया पानी का 40 लीटर डर्म, लेकर ,परीडो व सकोरे,में पानी भर कर पशु पक्षियों की प्यास बुझा रहे हैं दो – तीन घंटो के अंतराल में 230 अधिक परिंडे व सकोरे भरते है साथ ही पौधो की निराई गुडाई भी करते हैं ताकि पौधो में बढोत्तरी जल्दी हो सके।

कुमावत कठिन परिस्थितियों में अटल है वनस्पति की सेवा ही सर्वोपरि है।

पर्यावरण संरक्षण व जागरूकता को समर्पित व्यक्तित्व एक व्यक्ति एक पौधा मिशन संचालक पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत ” कर भला तो हो भला’ कहावत को सार्थक करते हुए कोरोना गाइडलाइन की पालना
करते हुए सुमेरपुर -शिवगंज सर्वे कर पाया कि कोरोना का डर से लोग अपने नित्य कर्म नहीं कर रहे मिशन द्वारा पुर्व में सुमेरपुर व शिवगंज उपखंड क्षेत्र पशु पक्षियों के लिए परीडा,व सकोरे , 2000 से अधिक लगाये गये हैं वर्तमान परिस्थितियों में लोग परीडा नहीं भर रहे हैं ,जन्मदिन, पुण्यतिथि, शादी समारोह में 3000 से अधिक पौधे भी रोपे गये, लाकडाउन की स्थिति में पेड पौधो का संरक्षण व संवर्धन भी नहीं हो रहा है पर्यावरण प्रेमी चितिंत है,

आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में पशु पक्षी व वन्य जीव का क्या होगा जो मनुष्य पर निर्भर है ऐसी स्थिति में पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत ने प्रकृति का संरक्षण व पशु पक्षियों की सेवा संविधान द्वारा प्रदत हमारे मौलिक कर्तव्य है

कोरोना महामारी में प्रकृति का संरक्षण व संवर्धन पौधा मिशन की पहली प्राथमिकता, वनस्पति ही जीवन है, बिना पेड _पौधा से आक्सीजन लेवल कम ही होगा, लोगों को अभी मालुम चला रहा की पेड पौधो द्वारा ही सांसे चल रही है, बंद होने पर अस्पताल की शरण में जाते हो, बडी बिडम्बना है भारतीय की आग लगने पर कुआ खोदते है। कुमावत की अपील की कोरोना की सीख है। आने वाले पीढ़ियों में आक्सीजन की कमी ना हो इसलिए आज ऐसा मानस बना ले कि व्यक्ति मरने पर एक पेड की आहुति दी जाती है इंसान को इतना भी स्वार्थी नहीं बनना है कि वह पेड पौधो का कर्ज चुकाए बिना ही चला जाये, प्रकृति हमारी मां है हम उसकी ही छत्रछाया में पलके बडे होते हैं इसलिए पीपल,बरगद ,नीम, गुलर पौधा जरूर लगाए साथ ही संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए


अपने आसपास कोई पानी के परींडे लगा हुआ उसे भरते रहे एक प्यासा पक्षी भी अपनी प्यास बुझाता है उसकी भी दुआए लगाती है पैसा तो सभी कमाते हैं दुआए भी कमाओ, मन से मजबुत, सात्विक कर्म, व सकारात्मक विचार
ही कोरोना की एंटीबांडी है, कोरोना का भय निकालो, सर्तक व जागरूकता का परिचय दो।

कोरोना महामारी को देखते हुए पौधा मिशन टीम तुलसी , गिलोय,नीम, अडुसा, व औषधीय पौधों को बढावा देगा, विलुप्त गौरेया संरक्षण के आनलाइन विडियो के माध्यम से वेस्ट वस्तुओं से निमित्त गौरेया हाउस के कौशलों से अवगत करवायेगे गौरेया का प्रजजन समय फरवरी से जुलाई तक रहता है जुते के बाक्स में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए पौधा मिशन टीम द्वारा सुमेरपुर-शिवगज उपखंड में 1000 से अधिक गौरेया हाउस लगा चुकी है गौरेया की संख्या में बढोत्तरी पाई की गई है

इस अभियान सहयोगी राजेश कुमार मालवीया, पुरण कुमावत, भंवर लाल ग्वाला,योगेश सोनी, भरत सिंह, पोकरमल कुमावत,देवेंद्र सिंह, प्रकाश कुमार,वरदाराम कुमावत, का सहयोग रहेगा।