PALI SIROHI ONLINE
सिरोही। साल का पहला सूर्य ग्रहण मंगलवार को लगने जा रहा है। यह वलयाकार सूर्यग्रहण होगा। वलयाकार ग्रहण का हिस्सा अंटार्कटिका से देखा जा सकेगा। इसके 15 दिन बाद होली पर तीन मार्च को चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना होने जा रही है। ग्रहण भारत में दिखेगा ही नहीं। ज्योतिष एवं वास्तुविद आचार्य प्रदीप दवे ने बताया कि ज्योतिष एवं वास्तुविद आचार्य प्रदीप दवे ने बताया कि भारतीय समयानुसार इस ग्रहण का स्पर्श दिवस 05.13 बजे तथा मोक्ष 06.11 बजे होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इस ग्रहण से संबंधित कोई यम, नियम व सूतक आदि लागू नहीं होंगे। इसके साथ ही आज से ही पंचक का भी प्रारंभहो रहा है। ग्रहण और पंचक का यह दुर्लभ संयोग सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आएगा।
12 अगस्त को अगला सूर्यग्रहण: आचार्य दवे ने बताया कि अगला सूर्यग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण को भी भारत से नहीं देखा जा सकेगा। इसके बाद तीन मार्च को चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना होने जा रही है।
कैसे होता है सूर्य ग्रहण : जब चन्द्रमा सूर्य के सामने से गुजरता है, जिससे सूर्य का प्रकाश अवरुद्ध हो जाता है और पृथ्वी पर छाया पड़ती है। यह खगोलीय घटना सूर्य ग्रहण कहलाती है। यह ग्रहण बेहद खास है। इस दौरान सूर्य कुंभराशि में राहु के साथ युति में रहेगा। शनि, कुंभ और राहु तीनों एक साथ एक राशि में रहेंगे। सूर्य ग्रहण बेहद दुर्लभ योग में हो रहा है। दुर्गा सप्तशती के अनुसार अमावस्या मंगलवार को हो और चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में, तब ये संयोग कला, लेखन, साधना और अध्यात्म के लिए काफी शुभ माना जाता है। 64 साल बाद ऐसा योग बन रहा है। आखिरी बार 1962 में ऐसा हुआ था। इस बार भी सूर्य और राहु कुंभ में और चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में रहेगा। ये योग असर को और गहरा बना देता है।

