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सिरोही-पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने राष्ट्रीय राजमार्ग 168 (सिरोही-मंडार) के प्रस्तावित बाईपास को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि बाईपास का निर्माण सिरोही नगर के मास्टर प्लान के अनुरूप किया जाए और मौजूदा सर्वे की समीक्षा की जाए।लोढ़ा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सिरोही-मंडार फोरलेन के तहत प्रस्तावित बाईपास में कई खामियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सर्वे में इंडियन रोड कांग्रेस (आईआरसी) के नियमों का पालन नहीं किया गया है।
लोढ़ा के अनुसार, सिरोही शहर के लिए 2011 में बना मास्टर प्लान (जो 2031 तक वैध है) को मौजूदा सर्वे में पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। प्रस्तावित बाईपास का एंट्री पॉइंट (शिवगंज की ओर से) 200 मीटर के भीतर ही आबादी वाले क्षेत्र में है। इसमें आदर्श नगर, बालाजी रेजीडेंसी, कृष्णा विहार और महादेव कॉलोनी सहित दर्जनों आवासीय कॉलोनियां आती हैं।
नियमों के मुताबिक, बाईपास को नगर परिषद की सीमा के बाहर से निकाला जाना चाहिए ताकि भविष्य में यातायात संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। हालांकि, वर्तमान प्रस्तावित बाईपास मास्टर प्लान में दर्शाए गए बाईपास से 2.25 किलोमीटर शहर के भीतर से गुजर रहा है। इसी तरह, रेवदर की ओर एग्जिट पॉइंट भी मास्टर प्लान के बाईपास से 1.5 किलोमीटर शहर के भीतर लिया गया है। यह इंडियन रोड्स स्टैंडर्ड्स (आईआरएस) और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के नियोजन मानकों के विरुद्ध है।

