कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आदिवासी क्षेत्र में परंपरागत स्थानीय भाषा में माइक के द्वारा किया जा रहा है,जागरूक

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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आदिवासी क्षेत्र में परंपरागत स्थानीय भाषा में माइकिंग के द्वारा किया जा रहा है,जागरूक

25 मई सिरोही/ कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने इस बार शहर के साथ-साथ गांव, ढाणियों को भी संक्रमण से अछूता नहीं छोड़ा है |

ऐसी विषम परिस्थितियों में आदिवासी ग्रामीण क्षेत्र में कोराना के संक्रमण से बचाव के लिए सिरोही जिले की पिंडवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत ठंडी बेरी एवं अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी पिंडवाड़ा के संयुक्त सहयोग से ग्राम पंचायत ठंडी बेरी में कोविड उचित व्यवहार एवं टीकाकरण के लिए अभिनव पहल की जा रही है|

ग्राम पंचायत ठंडी बेरी के सरपंच अशोक कुमार ने बताया कि आदिवासी लोग सहज रूप से किसी के ऊपर विश्वास नहीं करते हैं एवं सामान्यता कोराना व टीकाकरण के लेकर मन में कई भ्रांतियां रहती है| ऐसी परिस्थिति में आदिवासी लोगों को जागरूक करने के लिए परंपरागत आदिवासी लहजे में माइकिंग द्वारा कोरोना संक्रमण के लक्षण, संक्रमण से बचाव हेतु उचित व्यवहार,मास्क पहनना,दो गज की दूरी एवं हाथों को साबुन पानी से बार-बार साफ करने, बीमार होने पर समय पर अस्पताल जाने एवं टीकाकरण हेतु अपील ग्राम पंचायत क्षेत्र ठंडी बेरी में की गई |

लोगों को कोराना के संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करने हेतु अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के वाहन को बैनर स्टीकर एवं पोस्टर के माध्यम से रथ का रूप दिया गया है|