मजदूर की बेटी ने पहले ही प्रयास में रचा इतिहास,सिरोही की रिंकू कुमारी बनीं स्कूल व्याख्याता
PALI SIROHI ONLINE
पत्रकार दिनेश राव गोल
मजदूर की बेटी ने पहले ही प्रयास में रचा इतिहास, सिरोही की रिंकू कुमारी बनीं स्कूल व्याख्याता
सिरोही/राजस्थान। “प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती” — इस कहावत को जिले के बागसीण गांव की रिंकू कुमारी ने सच कर दिखाया है। साधारण मजदूर परिवार से आने वाली रिंकू ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित स्कूल व्याख्याता (इतिहास) भर्ती परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया।
रिंकू ने प्रदेश स्तर पर 76वीं रैंक प्राप्त की, वहीं SC महिला वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर जिले और समाज का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि के पीछे वर्षों की मेहनत, संघर्ष और मजबूत इरादे छिपे हैं।
रिंकू के पिता रामलाल मेघवाल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता गृहणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद रिंकू ने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही रिंकू को स्कूली शिक्षा के दौरान लैपटॉप, स्कूटी और गार्गी पुरस्कार जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं।
कला वर्ग में स्नातक व बी.एड के बाद रिंकू ने इतिहास विषय में एम.ए किया और लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। वर्ष 2023 में पहले प्रयास में CTET उत्तीर्ण किया। इसके बाद 2025 में REET और UGC-NET परीक्षा में भी सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
इन सफलताओं के बाद रिंकू ने पूरी एकाग्रता के साथ स्कूल व्याख्याता भर्ती की तैयारी की और पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर प्रदेशभर में अपनी पहचान बनाई।
रिंकू की इस उपलब्धि से गांव, मेघवाल समाज और मित्रों में खुशी की लहर है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद, परिवार व बड़े भाई के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी निरंतर मेहनत को दिया है।
रिंकू कुमारी की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अभावों के बीच बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का हौसला रखते हैं।
