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सिरोही-चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सिरोही जिले और जिला अस्पताल सिरोही में विभिन्न ब्रांचों के विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की है। ये नियुक्तियां 28 और 29 जनवरी को की गईं।
निजी सहायक जगदीश देवासी ने बताया कि राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने हाल ही में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से मुलाकात की थी। उन्होंने आकांक्षी जिला सिरोही में अधिक डॉक्टरों की नियुक्ति का आग्रह किया था, ताकि स्थानीय जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। इस आग्रह के बाद चिकित्सा मंत्री खींवसर ने विशेषज्ञ डॉक्टरों को सिरोही में पदस्थापित किया।
राज्यमंत्री देवासी के अनुसार, चिकित्सा विभाग ने एक साथ 26 विशेषज्ञ डॉक्टरों को सीनियर रेजिडेंसी (एसआर शिप) के लिए सिरोही मेडिकल कॉलेज आवंटित किया है। इन डॉक्टरों में कार्डियोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं, जो जिला अस्पताल सिरोही में अपनी सेवाएं देंगे। इसके अतिरिक्त, 7 डॉक्टरों को जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में पदस्थापित किया गया है।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री ने बताया कि राज्यमंत्री ओटाराम देवासी जिले में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने सरकार गठन के तुरंत बाद कैलाशनगर पीएचसी को 5 करोड़ रुपये की लागत से सीएचसी में क्रमोन्नत कराया। इसके साथ ही, डोडुआ, गोयली और मांकरोड़ा में डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भवनों को भी मंजूरी दिलाई गई है। कालंद्री सीएचसी को मॉडल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
30 जनवरी से 13 फरवरी तक ‘स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान’
सिरोही में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक ‘स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान’ चलाया जाएगा। विश्व कुष्ठ रोग दिवस के अवसर पर जिला कलेक्टर सिरोही के निर्देशन में इस अभियान का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर ने इसे जन-आंदोलन का रूप देने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार, जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। जिसमें कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता और कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने की अपील की जाएगी। ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए माइकिंग कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) प्रकाशचंद अग्रवाल ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार पंचायत स्तर पर अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से आमजन को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करना, भेदभाव समाप्त करना और प्रभावित व्यक्तियों को सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना पंचायतों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
कलेक्टर के आदेशों के पालन में, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (समग्र शिक्षा) सिरोही ने जिले के सभी राजकीय विद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। 30 जनवरी से 13 फरवरी तक प्रार्थना सभाओं के दौरान कुष्ठ रोग के लक्षण, उपचार और भेदभाव-मुक्त समाज का संदेश दिया जाएगा। विद्यालयों में प्रश्नोत्तरी और संवादात्मक गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिरोही डॉ. दिनेश खराड़ी ने जानकारी दी कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। मल्टी ड्रग थेरेपी (MDT) से इसका पूर्ण उपचार संभव है। यह उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी (लेप्रोसी) डॉ. एस.पी. शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत स्कूलों में जागरूकता गतिविधियां एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि MDT एक अत्यंत प्रभावी औषधि है, जिससे रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। उपचार पश्चात विकलांगता की स्थिति में रोगियों के सशक्तिकरण हेतु दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाने का भी प्रावधान है।

