सिरोही में बहुजन क्रांति मोर्चा ने निकाली रैली, कलेक्ट्रेट पर की नारेबाजी; जाति जनगणना, UGC नियमों और TET से छूट की मांग
PALI SIROHI ONLINE
सिरोही-सिरोही में बहुजन क्रांति मोर्चा ने सोमवार को रैली निकाली। जिला संयोजक एडवोकेट सुंदरलाल मोसलपुरिया के नेतृत्व में यह रैली निकाली गई। जो अंबेडकर सर्किल से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची।
यहां सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण और लोकतंत्र की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर जोरदार नारेबाजी की। रैली के समापन पर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी जाति गणना का फैसला होने के बावजूद राष्ट्रीय जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया है। मोर्चा ने इसे ‘धोखा’ बताते हुए मांग की कि इस साल की जनगणना में सभी वर्गों के लिए जाति कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
ज्ञापन में सशक्त यूजीसी इक्वेलिटी रेगुलेशन लागू करने की भी मांग की गई। मोर्चा का आरोप है कि कमजोर यूजीसी नियम बनाकर और सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी से एससी-एसटी-ओबीसी के साथ अन्याय हुआ है। इसके अतिरिक्त, 2011 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से पूरी छूट देने की मांग भी की गई।
बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग
मोर्चा ने सभी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग दोहराई। कार्यकर्ताओं ने “ईवीएम हटाओ, बैलेट लाओ, लोकतंत्र बचाओ!” जैसे नारे लगाए।
मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज होगा।
रैली में आसुराम लूनिया (जिलाध्यक्ष, भारत मुक्ति मोर्चा), एडवोकेट दशरथ सिंह आढा (प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा), मदन लाल चौहान (पूर्णकालिक प्रचारक), भवानी शंकर गर्ग, नेमा रामजी, नवा रामजी सूर्यल, मांगीलाल ओडा, एडवोकेट नरेंद्रपाल सिंह राव, मंछाराम आउरा, पोपट लाल राठौड़ (जिलाध्यक्ष, आरएमबीकेएस), एडवोकेट अशोक कुमार लुहार, डॉ. सी. पी. मकवाना, विष्णु मोहरेशा, ऊकाराम, लखमा राम पंचाल उमरनी, नानाराम और रमेश बौद्ध (मानव अधिकार जिला उपाध्यक्ष सिरोही), मंशाराम परिहार, सोमाराम आबूरोड, माधुराम आबूरोड, विष्णु कुमार स्वरूपगंज, विष्णु परमार आबूरोड सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
