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बड़गांव (रानीवाड़ा)-रानीवाड़ा उपखंड क्षेत्र के बड़गांव में विवाहिता महिला का करीब सात माह का भ्रूण गिराने का मामला सामने आया है।
इस संबंध में महिला के पति ने ससुराल पक्ष के तीन-चार लोगों और अज्ञात डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है, लेकिन पति ने अब कोर्ट का रुख किया है।
पीड़ित पति अशोक कुमार पुत्र देवाराम गवारिया ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती थी और नियमित जांच करवाई जा रही थी। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर 2025 को रानीवाड़ा के रतन हॉस्पिटल में करवाई गई सोनोग्राफी में गर्भ सामान्य बताया गया था।
इसके बाद 2 दिसंबर 2025 को गुजरात के धानेरा स्थित शुभम हॉस्पिटल में दूसरी सोनोग्राफी करवाई गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि गर्भ में पल रहा भ्रूण करीब सात माह का है और उसकी स्थिति सामान्य है। पति का कहना है कि उस समय किसी प्रकार की चिकित्सकीय समस्या सामने नहीं आई थी।
अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसकी पत्नी कुछ समय के लिए अपने पीहर मोरथला, आबूरोड चली गई। इसी दौरान ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी जानकारी और सहमति के बिना ही किसी अज्ञात अस्पताल में ले जाकर गर्भपात करवा दिया।जब उसे इस बारे में जानकारी मिली तो वह हैरान रह गया, क्योंकि उस समय गर्भ करीब सात माह का बताया गया था। पीड़ित पति ने अपनी रिपोर्ट में शक जताया है कि उसकी पत्नी के पीहर पक्ष के तीन-चार लोगों ने मिलकर किसी अज्ञात डॉक्टर की मदद से यह गर्भपात करवाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में उनसे कोई सलाह नहीं ली गई और न ही उन्हें इसकी सूचना दी गई। अशोक कुमार ने अपनी पत्नी की जान को भी खतरा बताया है। रानीवाड़ा थाने में मामला दर्ज कराने के बाद ठोस कार्रवाई नही होने पर उन्होंने एसपी के समक्ष पेश होकर अब कोर्ट की शरण ली है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित अस्पतालों की रिपोर्ट और दस्तावेज भी जांच में शामिल किए जाएंगे ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गर्भपात किस अस्पताल या क्लिनिक में कराया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
साथ ही महिला की चिकित्सकीय स्थिति और उपचार से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गर्भपात किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।

