नारलाई में आचार्य भंगवत श्रीविजय चिदानंदसुरीश्ररजी का नगर प्रवेश जैन समाज ने पलक पावडे बिछाते हुए किया शानदार स्वागत

देसुरी (जगदीश सिंह गहलोत) आचार्य भंगवत श्रीविजय चिदानंदसुरीश्ररजी का बुधवार को सुबह 9:00 बजे देवनगरी नारलाई में नगर प्रवेश हुआ । जैन समाज द्वारा आदिनाथ मंदिर से गुरु वंदना कर पलक पावडे बिछाते हुए शानदार स्वागत करते जयकारों के साथ नृत्य करते हुए शोभा यात्रा गाजे बाजे के साथ रवाना हुई शोभा यात्रा मुख्य बाजार होते हुए दाडम वाला उपासरा पहुंची।

जहां धर्म सभा में परिवर्तित हो गई। धर्म सभा को प्रवचन से संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत ने कहा कि अहंकार एवं क्रोध नाश की जड़ है हमें महावीर स्वामी के सिद्धांतों का अनुसरण करना चाहिए हम हमेशा ही अपने कर्मों का दोष दूसरों पर थोपने के आदी है हमें अपना कर्मों का दोष भुगतना होगा दूसरों पर थोपना अच्छी बात नहीं है

उन्होंने इस बात को लेकर कहीं उदाहरण पेश किए जिससे वहां मौजूद जैन समाज के साथ-साथ अन्य समाज के लोग भी भाव विभोर हो गए। आचार्य भगवंत ने फागुन फेरी के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की ।

इस अवसर पर गुरु पूजन हुआ एवं सर्वश्रेष्ठ बोली लगाने वाले जैन समाज बंधु परिवार का समाजसेवी आनंदकुमार पुत्र बालचंदजी भंडारी कमलेश कुमार चंडालिया हंसमुख कुमार बाफना द्वारा तिलक एवं माल्यार्पण कर बहूमान किया गया । इस अवसर पर अमृतराज हंसमुख कुमार बाफना आनंद कुमार भंडारी प्यारे लाल चंडालिया डालचंद तनसुख भाई कमलेश कुमार चंडालिया भूरमल बाफना नरेश भाई किरण भाई रूपचंद अशोक कुमार ललित भाई बाफना सहित नारलाई सरपंच शेखर मीणा भाजपा मंडल उपाध्यक्ष एवं इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट उपखंड अध्यक्ष जगदीश सिंह गहलोत गायक कलाकार प्रकाश माली पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रभु दास वैष्णव सहित जैन समाज के प्रवासी बंधु महिला शक्ति एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। समापन पर समाजसेवी हसमुख कुमार बाफना द्वारा शोभायात्रा एवं प्रवचन में मौजूद सभी समाज बंधुओं का एवं 36 कोम के मौजूद व्यक्तियों का इस समारोह में भाग लेने पर तहे दिल से आभार व्यक्त किया वही जैन समाज द्वारा शोभा यात्रा एवं प्रवचन में आने वाले समस्त लोगों का भोजन प्रसाद जैन भोजन शाला में शानदार तरीके से व्यवस्था की गई।

आकर्षक का केंद्र रही शोभा यात्रा

शोभायात्रा मैं आगे-आगे घुड़सवार घोड़ों पर नगाड़े बांधकर बजाते हुए चल रहे थे वही पीछे ढोल बज रहा था आचार्य भगवंत ढोल के पीछे गुरु भक्तों के साथ धीरे धीरे शोभायात्रा में आगे बढ़ रहे थे वही जैन गुरु भक्त गुरुदेव के आगे राजस्थानी चुनरी साफा लगाकर शानदार नृत्य की प्रस्तुति देते हुए भव्य शोभायात्रा मंद गति से अपने लक्ष्य की ओर चलत.ी रही वही महिलाएं सुंदर वस्त्रों के साथ सर पर कलश लेकर चलती हुई शोभा यात्रा को चार चांद लगा रही थी।

इनका कहना है

जैन समाज हमेशा ही भामाशाह समाजसेवी रहा है और रहता आएगा मेरे सरपंच निर्वाचित होने के बाद जैन समाज ने गांव को समय-समय पर सहयोग किया और कर रहे हैं जैन समाज द्वारा इस तरीके से मुझे व ग्राम पंचायत को सहयोग और सम्मान किया जा रहा है उसके लिए हम सभी ग्रामवासी जैन समाज का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। शेखर मीणा सरपंच ग्राम पंचायत नारलाई