सीएचसी पीएचसी पर बेड, ऑक्सीजन एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता के लिए मास्टर प्लानिंग करने के निर्देश

PALI SIROHI ONLINE

पाली, 08 मई। जिला कलक्टर अंश दीप ने कोरोना महामारी के संक्रमण के लगातार बढ़ते आंकड़ों के बीच जिले के अधिकारियों तथा चिकित्सा विभाग से राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सीएचसी और पीएचसी स्तर तक बेड, ऑक्सीजन एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता के लिए मास्टर प्लानिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना का संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों और युवाओं में भी काफी तेजी से फैल रहा है। मृत्यु की दर भी पहली लहर के मुकाबले बहुत अधिक है। इसे देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को लोगों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार मुहैया कराने के लिए इस प्लानिंग की तैयारी रखनी होगी।


उन्होंने कहा कि जिस गति से संक्रमण फैल रहा है, उसमें बेहद जरूरी है कि सभी लोग स्व-अनुशासन में रहकर सरकार के जीवनरक्षा के संकल्प में सहयोग दें। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपनी और अपनों की जीवनरक्षा के लिए 10 मई से लागू होने वाली लॉकडाउन की गाइडलाइन की पूरी तरह पालना करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निजी अस्पताल कोविड रोगियों से उपचार के लिए तय की गई दरों से अधिक राशि नहीं वसूलें। अस्पतालों में लगाए गए नोडल अधिकारी इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग करें कि रोगियों को निर्धारित दरों पर समुचित उपचार मिले। साथ ही वे रेमडेसिविर एवं ऑक्सीजन की उपलब्धता तथा जांच दरों आदि के संबंध में आने वाली शिकायतों का भी त्वरित समाधान करने का प्रयास करें।


उन्होंने कहा कि संक्रमण की व्यापकता की आशंका को देखते हुए हमें एक व्यापक रणनीति पर काम करने की जरूरत है। इसके लिए अल्पकालीन और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में मॉडल सीएचसी स्तर पर ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम विकसित करने से इस महामारी से लड़ाई में बड़ी मदद मिलेगी। ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर लगातार काम कर सकें, इसके लिए कोविड केयर सेंटरों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर ऑक्सीजन के प्लांट विकसित किए जाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों, भामाशाहों, विभिन्न संगठनों आदि का भी हमें सहयोग मिल रहा है, लेकिन कोरोना मरीजों का जीवन बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में अधिक सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की गाइडलाइन में लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। लेकिन, संक्रमण को रोकने के लिए हमें जीरो मोबिलिटी की ओर बढऩा पड़ेगा। लॉकडाउन की गाइडलाइन की पालना के लिए एनफोर्समेंट बढ़ाया गया है। नियमित पुलिस बल के साथ-साथ अन्य एजेंसियों और होमगाड्र्स की भी सेवाएं ली जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि महामारी का संक्रमण रोकने के लिए आमजन में जागरूकता पैदा करने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जागरूकता रथ चलाए जा रहे हैं, इससे कामयाबी मिल भी रही है, लेकिन ग्राम स्तर पर सरपंच तथा वार्ड पंच भी ग्रामीणों में कोरोना के खतरों तथा इससे बचाव के उपायों को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें।