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पाली-मारवाड़ को मेवाड़ से ब्रॉडगेज के माध्यम से सीधा जोड़ने का सपना सच होने वाला है। इसका 93.1 किमी लंबा रूट होगा मारवाड़ जंक्शन से देवगढ़ मदारिया वाया सिरियारी।
इस रूट का सबसे बड़ा अवरोध वन विभाग था, जिसने हाल ही में स्वीकृति दे दी है। इस रूट 9 साल बाद दोबारा सर्वे करने के लिए रेलवे बोर्ड ने 11.75 करोड़ रुपए का बजट भी मंजूर कर दिया है। जोधपुर में महाप्रबंधक अमिताभ घोषणा भी कर चुके हैं। इस रूट पर बोरीमाधो, भावन, भुजरैल व मंडावन के वन क्षेत्र में आने वाले पहाड़ों को काट कर ब्रॉडगेज लाइन बिछाई जाएगी। इस रूट पर 5 रेलवे स्टेशन अलग से बनाए जाएंगे, जिसका सर्वे शुरू हो चुका है।
बता दें कि इसी रूट पर वर्ष 2016-17 में भी सर्वे हो चुका था। मेवाड़ रेल विकास परिषद के अध्यक्ष प्रकाश मंडोथ का कहना है कि मेवाड़ रेल परिषद ने भी तत्कालीन रेल मंत्री से वार्ता कर काफी प्रयास किया था। इस रूट वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में आने के कारण पहले वन विभाग द्वारा स्वीकृति नहीं दी गई थी। अब स्वीकृति मिलने के बार बोर्ड द्वारा वापस सर्वे करवाया जा रहा है। यह रूट अगर फाइनल होता है तो रेलवे को सिरियारी, बोरीमाधो, भावन, भुजरैल व मंडावन में अलग अलग 5 रेलवे स्टेशन बनाने पड़ेंगे। बीच में आने वाले पहाड़ों को काट कर सुरंग बनाई जाएगी। लेकिन दूसरी कम होने के कारण लोगों को सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी।
रेलवे बोर्ड इससे पहले 3 रूट पर सर्वे करवा चुका है। हाल ही में मंजूर सर्वे रूट को छोड़कर दो सर्वे की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सबमिट हो चुकी है। वर्ष 2007-08 में 58 किमी का पहला सर्वे मारवाड़ जंक्शन से फुलाद, गोरमघाट, खामली घाट होते हुए देवगढ़ मदारिया के बीच हुआ था। वर्ष 2016-17 में दूसरा सर्वे मारवाड़ जंक्शन-फुलाद- सिरियारी- बोरीमाधो-भावन- भुजरैल- मंडावन- कामली घाट होते हुए देवगढ़ मदारिया के बीच 93.1 किमी लाइन का सर्वे करवाया गया। इस रूट में बोरीमाधो, भावन, भुजरैल का क्षेत्र रावली तारागढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का होने के कारण यहां ब्रॉडगेज संभव नहीं होने का हवाला देकर वन विभाग द्वारा इसे स्वीकृति नहीं दी थी।
तीसरी बार वर्ष 2023 में देवगढ़ मदारिया लसाणी- ताल-भीम- बाली- जवाजा – बर- हरिपुर होते हुए जोधपुर के बीच 108 किमी लाइन का सर्वे करवाया गया। वर्ष 2016-17 में वन विभाग से बोरीमाधो, भावन, भुजरैल व मंडावन क्षेत्र तारागढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में होने के कारण स्वीकृति नहीं दी गई थी। 3 जिलों को जोड़ेगी लाइन उदयपुर, राजसमंद और पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन को जोड़ने वाली पहली रेलवे लाइन होगी। बड़ी लाइन मारवाड़ के पाली व जोधपुर स्टेशनों को जोड़ेगी। नागौर, सीकर, झुंझुनूं का कुछ भाग भी इससे जुड़ेगा।
मेवाड़-जोधपुर का पर्यटन सर्किट उदयपुर, चित्तौड़गढ़ के अलावा मध्यप्रदेश के पर्यटक स्थलों का मारवाड़ के ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में महत्व रखने वाले शहरों से कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। रोजगार को मिलेगा बढ़ावा : किशनगढ़ के मार्बल, जोधपुरी स्टोन, हैंडी क्राफ्ट, कांकरोली के टायर, पाली के कपड़ा व मेहंदी और चूना उद्योग के लिए एक नई राह खुल जाएगी। रोजगार मिलेगा।
