PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
पाली-पाली जिले के बहुचर्चित लापता मनोहर राजपुरोहित प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर एसपी आदर्श सिंधू ने अब इस केस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बना दी है। जो लापता मनोहर को खोजने के लिए नए सिरे से फिर से जांच शुरू करेगी।
लेकिन सवाल आज भी वही है 9 साल बाद भी मनोहर कहां है? क्या 25 लाख की फिरौती के वो 6 खत सिर्फ बहकावे थे या किसी संगठित साजिश का हिस्सा ? बदमाशों के पास मनोहर का स्कूल बैग कैसे पहुंच गया?। जैसे कई सवाल है जो पड़ताल के बाद ही साफ हो सकेंगे।
बता दे कि 5 दिसंबर 2016 की सुबह 16 साल का मनोहर राजपुरोहित अपने गांव नेतरा (सुमेरपुर) से बस पकड़कर फालना गया था। वह 12वीं का छात्र था। एजुको कोचिंग क्लास पहुंचा, लेकिन वहां से गायब हो गया। 12 दिन तक सुराग नहीं मिला। इस दौरान उसके घर और फालना स्कूल में 6 खत आए। लिखा था-25 लाख रुपए दो. नहीं
बता दे कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष करणसिंह नेतरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने गत दिनों मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। ओर लापता मनोहर को ढूंढने के लिए फिर से नए सिरे से जांच करवाने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पाली एसपी ने एसआईटी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।
पुलिस के हाथ सिर्फ एक फुटेज लगा था
पुलिस ने जांच की तो एक फुटेज में मनोहर अकेला जाता दिखा, लेकिन लौटकर सिर्फ उसका स्कूल बैग आया। वही बैग किसी ने उसके घर के बाहर रख दिया था। अंदर किताबें और एक फिरौती लेटर रखा था। मनोहर का मोबाइल बंद था, और तब से उसकी हर निशानी लापता है।
CBI की मांग कर रहे थे
मार्च 2021 में अखिल भारतीय राजपुरोहित समाज संघर्ष समिति के साथ मिलकर सीबीआई जांच की मांग की थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीबीआई जांच की अनुशंसा केंद्र को भेजी। सीबीआई ने बिना एफआईआर दर्ज किए फाइल लौटा दी, यह कहते हुए कि राज्य सरकार अपने स्तर पर जांच करे। इस बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन मेघवाल समेत 100 से ज्यादा जनप्रतिनिधियों ने पत्र लिखे। मामला विधानसभा में भी उठाया गया था।
