पाली 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सम्पूर्ण जिले में सायं 6 बजे से प्रातः 5 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू रहेगा

PALI SIROHI ONLINE

पाली। राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी के संक्रमण की दूसरी लहर के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न बाजार, कार्यस्थल, व्यावसायिक, निजी एवं सार्वजनिक गतिविधियों आदि के लिए प्रतिबंधात्मक उपायों में अधिक कड़ाई करने का निर्णय किया है। इसके तहत 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सम्पूर्ण जिले में सायं 6 बजे से प्रातः 5 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू रहेगा। इस दौरान सायं 5 बजे से ही बाजार एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद कर दिए जाएंगे ताकि संबंधित स्टाॅफ एवं अन्य व्यक्ति 6 बजे तक अपने घरों तक पहुंच जाएं।
जिला मजिस्टेट अंश दीप ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय के बाद गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए। आदेश के अनुसार कफ्र्यू की प्रभावी अनुपालना के क्रम में बाजार एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान सायं 5 बजे तथा राजकीय कार्यालय सायं 4 बजे तक बंद हो जाएंगे। यह समयावधि अनिवार्य, आपातकालीन एवं स्वास्थ्य सेवाओं, कोविड मैनेजमेंट से संबंधित राजकीय कार्यालयों, निरंतर उत्पादन तथा रात्रिकालीन शिफ्ट वाली फैक्ट्रियों, दवा की दुकानों, आईटी कम्पनियों, विवाह समारोहों, बस, रेलवे और एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रीगण, माल परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग आदि में नियोजित लोगों पर लागू नहीं होगी। इस छूट के लिए अलग से पास की आवश्यकता नहीं होगी। इन्फोर्समेन्ट टीम को पहचान-पत्र, निमंत्रण-पत्र, यात्रा टिकट आदि दस्तावेज दिखाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण जिले में प्रतिबंधात्मक दिशा-निर्देशों तथा कोविड प्रोटोकॉल की अनुपालना के लिए पूर्व में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गठित ग्राम पंचायत स्तरीय कोर गु्रप को फिर से एक्टिवेट किया जा चुका है। ये ग्रुप समझाइश और संवाद के माध्यम से होम आइसोलेशन और क्वारेंटाइन के नियमों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर कोविड गाइडलाइन्स की पालना सुनिश्चित करवाने में स्थानीय प्रशासन का सहयोग करेंगी। जिला कलेक्टर ने बताया कि आवश्यकतानुसार ‘वर्क फ्रॉम होम’ वाले सरकारी कार्मिकों की सेवाएं कोविड प्रबंधन कार्यों के लिए ले सकेंगे।
उन्होंने बताया कि पाली जिले में 16 से 31 मई तक विवाह आदि निजी आयोजनों में आमंत्रित अतिथियों की संख्या 50 से अधिक नहीं होगी। इसके लिए उपखण्ड मजिस्टेªट को पूर्व सूचना देना आवश्यक होगा। समारोह स्थल, मैरिज गार्डन आदि में कोरोना गाइडलाइन्स का उल्लंघन पाए जाने पर आयोजन स्थल को 7 दिन के लिए सीज किया जाएगा। अंतिम संस्कार के लिए अनुमत व्यक्तियों की संख्या 20 से अधिक नहीं होगी। धार्मिक स्थलों पर केवल प्रबंधन द्वारा ही नियमित पूजा-अर्चना एवं इबादत की जा सकेगी। ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था जारी रह सकेगी। आमजन द्वारा पूजा-अर्चना, इबादत आदि घर पर ही रहकर की जाए।
उन्होंने बताया कि फसल खरीद केन्द्रों एवं कृषि मण्डियों में फसलों का क्रय-विक्रय के दौरान कोविड नियमों की पालना सुनिश्चित की जाएगी। रेस्टोरेंट से होम डिलीवरी रात्रि 8 बजे तक तथा होटल में ‘इन हाउस’ गेस्ट सर्विस अनुमत होगी। सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की संख्या वाहन की कुल क्षमता से 50 प्रतिशत तक ही रहेगी। राज्य के बाहर से आने वाले आगन्तुकों की बॉर्डर चेक पोस्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट होने पर ही प्रवेश दिया जाएगा। 100 से अधिक कार्मिकों की संख्या वाले कार्यालयों में उपस्थिति 50 प्रतिशत रहेगी तथा शेष 50 प्रतिशत कार्मिकों को वर्क फ्रॉम होम (घर से कार्य) कर सकेंगे। कार्यस्थल पर किसी कार्मिक के कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर कार्यालय कक्ष को 72 घंटे के लिए बंद किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सिनेमा हॉल, थियेटर, जिम, मल्टीप्लेक्स आगामी आदेशों तक बंद रहेंगे। बसों सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनों में 50 फीसदी सीटों पर ही यात्री बिठाए जा सकेंगे। बसों में खड़े होकर यात्रा करने पर रोक रहेगी। निजी वाहनों में तय क्षमता से ज्यादा लोग नहीं बैठ सकेंगे। ऑटो रिक्शा में चालक व दो सवारी, टैक्सी या चैपहिया वाहनों में चालक तथा आरटीओ की ओर से अनुमत वाहन क्षमता के 50 प्रतिशत एवं बसों में बैठक क्षमता का 50 प्रतिशत यात्रीभार अनुमत किया गया है। इसमें भी बैठक व्यवस्था एक छोडकर एक रहेगी। शादी समारोह और सार्वजनिक आयोजन के लिए कुछ पाबंदियां लगाई गई है। इनमें शादी सहित हर निजी आयोजन में 50 से ज्यादा लोग इकटठा नहीं हो सकेंगे। शादियों में बैंड वालों को 50 लोगों में नहीं गिना जाएगा।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में धार्मिक मेलों, उत्सवों, जुलूस आदि पर रोक रहेगी। समस्त शैक्षणिक एवं कोचिंग संस्थाएं तथा लाइब्रेरी आदि बंद रहेगी। दसवीं एवं 12वीं की परीक्षाओं अथवा प्रायोगिक परीक्षाओं से संबंधित गतिविधियों पर रोक रहेगी। गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठजनों, गर्भवती महिलाओं एवं 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलने की अनुमति होगी। ये आदेश 16 अप्रैल से प्रभावी होंगे।