पाली जिले में कोरोना मरीजों की संख्या को थामने के लिए अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से घर-घर सर्वे करवाया जाएगा

PALI SIROHI ONLINE

पाली, 03 मई। पाली जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या को थामने के लिए अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से घर-घर सर्वे करवाया जाएगा। कोरोना की पहली लहर में चिकित्सा विभाग की और से चलाए गए ‘‘मिशन लीसा’’ को अब दुबारा नये सीरे से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोडा ने नये दिशा निर्देश जारी किए है।


जिला कलक्टर अंश दीप ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा समय समय पर निर्देशित किया गया है कि कोविड़ 19 प्रबंधन के तहत सर्वाधिक प्राथमिकता कोविड़ 19 के कारण होने वाली जनहानि को रोकना है।इसके लिए हाई रिस्क गु्रप के व्यक्तियों की समुचित स्क्रीनिंग के साथ रेफरल की उचित व्यवस्था करना भी जरूरी है। कोविड़ 19 संक्रमण से बचाव, रोकथाम, संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने व संक्रमण से होने वाली मौतों को कम करने के लिए प्रारंभिक अवस्था में संक्रमित व हाई रिस्क गु्रप के व्यक्तियों की पहचान कर उनका समय रहते उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि बीएलओ के क्षेत्रानुसार संघन रूप से घर-घर सर्वे व आवश्यक दवाईयां देने के लिए बीएलओ, एएनएम व आशा सहयोगिनी की एक टीम गठित की जाएगी जिन्हें पल्स आॅक्सीमीटर, थर्मल स्क्रेनर व आवश्यक दवाईयां उपलब्ध करवाई जाएगी। घर-घर सर्वे के दौरान किसी भी व्यक्ति में कोविड़ 19 संक्रमण, आईएलआई व सारी के लक्षण दिखाई देने पर ऐसे मरीज को तत्काल आवश्यक दवाईयां देते हुए परामर्श के लिए निकटतम कोविड़ कंसल्टेशन केयर सेंटर पर जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गंभीर रोगी पाए जाने पर ग्रामीण क्षेत्र में ब्लाॅक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थित कोविड़ कंसल्टेशन केयर सेंटर तथा शहरी क्षेत्र में निकटतम चिकित्सा संस्थान पर उपचार के लिए भिजवाना सुनिश्चित करेंगे।


उन्होंने बताया कि घर-घर सर्वे के लिए चिकित्सा विभाग की और से गठित किए जाने वाले दलों को जिला व ब्लाॅक स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में उन्हें यह साफ तौर से बताया जाएगा कि पल्स आॅक्सीमीटर द्वारा आॅक्सीजन लेवल निर्धारित स्तर से कम होने, आईएलआई लक्षण दृष्टिगत होने अथवा अन्य मेडिकल एलमेंट की स्थिति गंभीर होने पर संबंधित मरीज को तत्काल रेफर किया जाएगा। इस व्यवस्था के लिए खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे।