पाली जिला कलक्टर अंश दीप ने विलेज कमेटियों से मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी अभियान के माध्यम से लोगो को जागरूक करने के निर्देश दिए

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पाली, 24 मई। जिला कलक्टर अंश दीप ने जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए विलेज कमेटियों से मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी अभियान के माध्यम से लोगो को जागरूक करने के निर्देश दिए। विलेज कमेटी द्वारा जिन कोविड संक्रमित रोगियों के घर में होम आईसोलेशन की सुविधा नही होने पर उनके रहने-खाने की व्यवस्था ग्राम पंचायत स्तर से की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केन्द्रों में आधारभूत चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार इस प्रकार करें कि आमजन को इलाज के लिए जिला स्तर पर नहीं आना पडे। उन्होंने कहा कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अक्सीजन बैड, सिलेण्डर, कंसन्ट्रेटर एवं कोविड इलाज के लिए आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।


उन्होंने डोर-टू-डोर सर्वे को गुणवत्तापूर्ण एवं वास्तविक करने पर जोर दिया। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाकर उसे समय पर मूर्तरूप देने के निर्देश दिए। कोरोना रोगियों के उपचार में संसाधनों की कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी विभाग अपने दायित्वों को जिम्मेदारी से पूरा करें। उन्होंने ब्लैक फंगस के बारे में जानकारी लेते हुए चिकित्सा विभाग को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में जो हमें चुनौतिया मिली है, उससे सीखते हुए हमे आगे की तैयारिया सकारात्मक सोच से करनी है। सरकारी अस्पतालों में बैड एवं ऑक्सीजन दोनों की क्षमता बढ़ाकर इस प्रकार कार्य करें कि तीसरी लहर आने पर परेशानी नही रहे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आईएलआई सर्वे के दौरान रैपिड टैस्ट के साथ आरटीपीसीआर टैस्ट के लिए ब्लाॅकवार मोबाइल वैन की व्यवस्था कर चिकित्सकों की टीम तैनात कर गंभीर लक्षणों वाले रोगियों को समय पर अस्पताल में भर्ती कर नजदीकी सम्पर्क वाले लोगो को आइसोलेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकने के के लिए प्रभावित व्यक्ति को चिन्हित कर समय पर उपचार किया जाएं तथा टैस्ट बढाकर विलेज हैल्थ कमेटी को सक्रिय कर लोगों को जागरूक करने का कार्य भी करें।
उन्होंने कहा कि गांवों में प्रशासन, चिकित्सा विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा इस तरह का वातावरण तैयार किया जाए कि ग्रामीण खुलकर अपने आईएलआई (खांसी, जुकाम, बुखार) लक्षणों को डोर-टू-डोर सर्वे टीमों को बताएं। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे को समय पर पूरा कर कोविड़ लक्षणों वाले रोगियों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आवश्यक दवाओं, संसाधनों की कालाबाजारी नहीं हो तथा लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।