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पाली-पाली में एक गर्भवती ऊंटनी का शिकार करने का मामला सामने आया है। ऊंटनी के पैरों में तीन जगह छर्रे लगे मिले।
जिससे ऊंटनी और उसके पेट में पल रहे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने पीड़ित पशुपालक की रिपोर्ट पर अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू की।
सदर थाने के ASI राजेन्द्र सीरवी ने बताया कि पाली के सदर थाने में 65 साल के घेवरराम पुत्र घीसाराम देवासी निवासी देवासियों का बास भाम्बोलाई ने 11 जनवरी को रिपोर्ट दी।जिसमें बताया कि उसकी ऊंटनी (ऊंट) जिसकी उम्र 08 साल थी। 9 जनवरी की सुबह करीब नौ बजे पास मे ही सरकारी जमीन मे चरने के लिए छोड़ा था। लेकिन ऊंटनी रात में भी वापस नहीं आई। ऐसे में 10 जनवरी की सुबह ऊंटनी की तलाश में निकले। इस दौरान भाम्बलिया व सोवनिया के बीच ऊंटनी जो बैठी मिली। जिसको उठाने का प्रयास किया लेकिन ऊंटनी उठ नहीं पा रही थी। ऐसे में मोहन देवासी, हरजी खेतावास को मौके पर बुलाया लेकिन काफी कोशिश के बाद भी ऊंटनी उठ नहीं पाई। ऐसे में एनिमल डॉक्टर को हरिराम को बुलाया। लेकिन उनके आने पहले ऊंटनी की मौत हो गई।
पैरे में तीन जगह लगे मिले छरें
रिपोर्ट में बताया कि सभी ने ऊंटनी की जांच की तो उसके पैर में तीन जगह बन्दूक के छर्रे लगे हुए मिले। जिससे ऊंटनी की मौत हो गई। रिपोर्ट में बताया कि ऊंटनी 11 माह की गर्भवती थी। अज्ञात शिकारियों ने शिकार करने की मंशा से ऊंटनी पर गोलियां चलाई। जिससे ऊंटनी और उसके पेट में पल रहे 11 माह के बच्चे की मौत हो गई। रिपोर्ट में बताया ऊंटनी की कीमत करीब एक लाख रुपए थी। उन्होंने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवा जांच की मांग की।
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पाली में पशु क्रूरता और अवैध शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। एक गर्भवती ऊंटनी को गोली मारकर घायल कर दिया गया, जिससे ऊंटनी और उसके पेट में पल रहे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। ऊंटनी के पैरों में तीन जगह बंदूक के छर्रे लगे मिले हैं।
सदर थाने के ASI राजेन्द्र सीरवी ने बताया कि इस संबंध में
65 वर्षीय घेवरराम पुत्र घीसाराम देवासी निवासी देवासियों
का बास, भाम्बोलाई ने 11 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज करवाई।
रिपोर्ट में बताया गया कि उसने करीब 8 साल की ऊंटनी को 9 जनवरी की सुबह करीब 9 बजे पास की सरकारी जमीन पर चरने के लिए छोड़ा गया था, लेकिन वह रात तक वापस नहीं लौटी।
जंगल में घायल हालत में मिली
अगले दिन 10 जनवरी की सुबह ऊटनी की तलाश की गई। इस दौरान भाम्बलिया और सोवनिया गांव के बीच ऊंटनी बैठी हुई हालत में मिली। उसे उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह उठ नहीं सकी। इसके बाद मोहन देवासी और हरजी देवासी (निवासी खेतावास) को मौके पर बुलाया गया। काफी प्रयासों के बावजूद ऊंटनी खड़ी नहीं हो पाई।
इसके बाद पशु चिकित्सक हरिराम को बुलाया गया, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही ऊंटनी की मौत हो गई।
तीन जगह लगे मिले बंदूक के छरें
ऊंटनी की जांच करने पर उसके पैरों में तीन जगह पर बंदूक के छर्रे लगे हुए पाए गए। ऊंटनी 11 माह की गर्भवती थी। अज्ञात शिकारियों ने शिकार करने की नीयत से ऊंटनी पर गोली चलाई, जिससे ऊंटनी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।
पीड़ित पशुपालक ने बताया कि ऊंटनी की कीमत करीब एक लाख रुपए थी। पुलिस ने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

