पाली सभी अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में कोविड़ प्रबंधन की बेहत्तर व्यवस्थाए सुनिश्चित करे

PALI SIROHI ONLINE

पाली, 11 मई। जिला कलक्टर अंश दीप ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सभी अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में कोविड़ प्रबंधन की बेहत्तर व्यवस्थाए सुनिश्चित करे।
जिला कलक्टर ने मंगलवार को जिला परिषद सभागार में जिले में कोविड़ प्रबंधन की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी नोडल अधिकारी उपखण्ड अधिकारी,

विकास अधिकारी एवं तहसीलदार अपने अपने क्षेत्र में बेहत्तर कोविड़ प्रबंधन कर लोगों को राहत प्रदान करने के साथ सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे कार्य की अधिकारी निरंतर मौके पर जाकर रेण्डमली चेक करे। उन्होंन कहा कि आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता ए.एन.एम द्वारा घर-घर मेडिकल किट पहुंचाने की व्यवस्था की माॅनिटरिंग जिला कन्ट्रोल रूम में रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करे।
उन्होंने कहा कि मेडिकल किट के साथ दवा के उपयोग संबंधी पर्ची दवाईया वितरण के पुख्ता प्रबंधन के साथ संबंधित सरपंच व वार्ड पंच को भी सर्वे कार्यक्रम की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में कोविड़ व्यवस्था सर्वे एवं गाइडलाइन की पालना के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम व्यापक रूप से चलाया जाए। सभी कार्यो में कोविड़ प्रोटोकाॅल की पूर्ण पालना की जाए।


उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस से डेथबाॅडी व मरीज लाने ले जाने के लिए एम्बुलेंस की दरे तय कर दी गई है। सभी अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में कार्यरत एम्बुलेंस के नम्बर सार्वजनिक स्थानों पर प्रचारित करें जिससे लोगों को दरों एवं एम्बुलेंस व्यवस्था की जानकारी हो सके। इस संबंध में पोस्टर प्रकाशित करवाकर भी सार्वजनिक स्थलों पर लगाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि शव का दाह संस्कार करते समय एक सरकारी कार्मिक एवं परिजन मौजूद रह सकते है। इसके लिए 20 लोगों को अनमुत किया गया है कोविड़ के फैलाव की संभावना को देखते हुए कम से कम लोग अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहे।


उन्होंने कहा कि कोरोना गाइडलाइन की पालना सभी अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में पुलिस के साथ समन्वय बनाकर करें। आमजन मास्क लगाए, दो गज की दूरी रखे, अनावश्यक रूप से नहीं घूमें, अपने हाथों को बार बार सेनेटाइज करें, अगर कोई नियमों की पालना नहीं करता है तो उसे संस्थागत क्वारेंटाइन किया जाए।
उन्होंने चिकित्साधिकारियों से वेक्सीनेशन व्यवस्था की जानकारी लेते हुए कहा कि 45 से अधिक एवं 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के रजिस्ट्रर्ड लोगों के साथ ही फ्रंटलाइन वर्कस के वैक्सीन लगाने की पुख्ता व्यवस्था की जाए। उन्होंने आॅक्सीजन दवाईयों, बेड, लाॅजेस्टीक सर्वे, रहवास, भोजन, क्वारंटिन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने औद्योगिक इकाईयो में कार्यरत श्रमिको के परिचय पत्र बनाने के लिए आॅनलाईन आवेदन की प्रगति की जानकारी ली।


बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्वेता चौहान, यूआईटी सचिव वीरेन्द्रसिंह चौधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर चन्द्रभानसिंह भाटी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाॅ तेजपालसिंह, राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पी.एस.नागा, अतिरिक्त जिला कलक्टर सीलिंग राधेश्याम मीना, उप महा निरीक्षक पंजीयन सावन कुमार चायल, मेडिकल काॅलेज के प्रींसीपल दीपक वर्मा एवं डाॅ. अंकित माथुर ने उन्हें सौंपे गए दायित्वों के संबंध में जानकारी दी। बैठ में एनआईसी के अनिल पुरोहित, डीओआईटी के उप निदेशक राजेश चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी राजेन्द्र दवे, रिको के पी.के.गुप्ता भी मौजूद रहे।