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पाली-पाली में बुधवार को बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनी कलेक्ट्रेट पहुंची। उन्होंने यहां जमकर हंगामा किया नारेबाजी की। फिर अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
अपनी पीड़ा बताते सुमेरपुर ब्लॉक से आई आशा सहयोगिनी नीतू बताते है कि पहले उनके अकाउंट में एक साथ इंसेटिव के रुपए आते थे। अब स्थिति यह हो गई है कि 100 तो कभी 200 रुपए इंसेटिव डाल रहे है। हमें तो एक साथ हमारा इंसेटिव का रुपये चाहिए। उन्होंने बताया कि किसी का चार हजार तो किसी का पांच हजार रुपए बनता है। एक साथ अकाउंट में जमा हो तो कुछ काम भी आए।
अक्टूबर से मानदेय बाकी
सुमेरपुर क्षेत्र से आई आशा सहयोगिनी प्रियंका उपाध्याय कहती है कि महंगाई के इस जमाने में उन्हें 4800 रुपए मानदेय दिया जा रहा है। वह भी अक्टूबर महीने से बकाया चल रहा है। मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि होनी थी वह भी नहीं हुई।
आंगनबाड़ी के अलावा भी बहुत का काम दे रखा है
तखतगढ़ से आई आशा सहयोगिनी भाविका अरोड़ा कहती है कि आंगनबाड़ी का समय सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक का है। लेकिन उन्हें आंगनबाड़ी के अलावा भी बहुत सा काम दे दिया जाता है। कोई टाइम टेबल नहीं है। ऐसे में घर और बच्चों को संभालने में भी दिक्कत होती है।
इन 10 सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की जाए।
सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त आर्थिक सहयोग राशि दी जाए।
आशा शॉफ्ट के माध्यम से आने वाली क्लेम राशि को टुकड़ों में न देकर एक मुश्त दिया जाए।
आशा सहयोगिनी को नियमित किया जाए और सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
– न्यूनतम वेतन 18 हजार किया जाए।
– सेवानिवृत्ति पर एक साथ 5 लाख सम्मान राशि दी जाए।
– ANM और सुपरवाइजर पदों की भर्ती में वरियता दी जाए।
– सैंपल एकत्रित करने के कार्य से आशा सहयोगिनी को मुक्त रखा जाए।
आवश्यक तकनीकी संसाधन, स्मार्ट फोन उपलब्ध करवाए जाए।
आशा कार्यों की मॉनिटरिंग केवल सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर के जरिए करवाई जाए।
यह रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपते समय भारतीय मजदूर संघ जिला पाली के जिलाध्यक्ष सुनील चौहान, सुगना, मंजू देवी, ममता कुमारी, ऊषा, सुमन, कविता, सुशीला कुमारी, राधा देवी, एकता शर्मा, किरण कंवर, तारा देवी, सविता सहित कई आशा सहयोगिनी मौजूद रही।

