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साँचोर/चितलवाना (दलपतसिंह भायल)
सांचौर उपखंड के चितलवाना क्षेत्र में नर्मदा नहर की माइनरों में पानी नहीं आने से किसानों में भारी आक्रोश है। सेली-अमरपुरा माइनर सहित क्षेत्र की सभी माइनर पूरी तरह सूखी पड़ी हैं, जिससे रबी की फसलों का नुकसान तय माना जा रहा है।
क्षेत्र के किसान अनोपसिंह सिंधल ने बताया कि चुनावों के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं—चाहे निर्दलीय विधायक जीवाराम चौधरी हों या सांसद लुंबाराम चौधरी, सभी ने नर्मदा पानी की समस्या को लेकर आश्वासन दिए थे, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।
सिंधल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
माइनरों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये का बजट ठेकेदारों ने उठा लिया,
लेकिन नहरों में सफाई का एक भी कार्य धरातल पर नहीं दिखता।
विभाग ने कार्रवाई करने के बजाय बिजली ट्रांसफार्मर तक खोलकर जमा कर दिए, जबकि किसानों को सिंचाई की सबसे अधिक जरूरत है।
रबी सीजन आधे से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन नर्मदा के पानी का अब तक कोई अता-पता नहीं। पानी की कमी से परेशान किसान संगठन प्रतिदिन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों व सरकार का ध्यान अब तक इस ओर नहीं गया है।
सिंधल ने चेतावनी दी कि
“अगर सरकार ने तत्काल समाधान नहीं किया, तो किसान सभी संगठनों के साथ मिलकर आगामी चुनावों का बहिष्कार करेंगे और सरकार को करारा जवाब देंगे।”
किसानों की बढ़ती नाराज़गी के बीच अब पूरा क्षेत्र नर्मदा जल संकट के स्थायी समाधान की मांग पर एकजुट होता दिखाई दे रहा है।
