• April 3, 2026

मुंडारा-पक्षी आहार आश्रयशाला का मंत्री देवासी ने किया लोकार्पण, मूक पक्षियों की सेवा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास

PALI SIROHI ONLINE

5 लाख रुपये से निर्माणाधीन पक्षी आहार-आश्रयशाला का लोकार्पण,मूक पक्षियों की सेवा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास-देवासी

*मुंडारा*।श्री चामुंडा माताजी मंदिर ट्रस्ट व श्री चामुंडा माताजी मुंडारा के परिसर में हंजाबाई पेमाराम देवासी कोट बालियान ने गुरुदेव नरेशनाथ की प्रेरणा से 5 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित पक्षी आहार-आक्षयशाला स्थल का ग्रामीण विकास पंचायतराज व आपदा प्रबंधन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने
पूजा अर्चना कर फीता काटकर शिलालेख से पर्दा हटाकर लोकार्पण किया।

लोकार्पण समारोह में हंजाबाई सरपंच, पेमाराम, किशनाराम, नितिन, साकलाराम,शांतिबेन,
सीताबेन देवासी ढंगल भामाशाह परिवार की मौजूदगी में लोकार्पण समारोह हुआ।

     राज्यमंत्री देवासी ने कहा कि मूक पक्षियों की जीव दया से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है। व्यक्ति कर्मभूमि के साथ जन्मभूमि में मूक पक्षियों की  सेवा सुश्रुषा में समर्पित रहकर पुण्य के क्षेत्र में खर्च करता है उसका जीवन सार्थक है।

उन्होंने पक्षी आहार- आक्षय शाला स्थल के निर्माण कार्य पर देवासी ढंगल कोट बालियान परिवार का आभार प्रकट किया।

  उपजिला प्रमुख जगदीश चौधरी व मुंडारा सरपंच प्रवीण वैष्णव ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवन में व्यक्ति को जीव दया व विकास के क्षेत्र में बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए।संकट के समय ईश्वर भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मददगार बनता है।

भामाशाह साकलाराम देवासी ने बताया कि पक्षी आहार-आक्षयशाला स्थल की 65 फिट की ऊंचाई के साथ करीब पांच सौ एकावन छोटे-छोटे आक्षय स्थल का निर्माण करवाया गया है।जमीन स्थल पर पक्षियों की सुरक्षा को मध्यनजर रखते हुए सुरक्षा रेलिंग लगवाकर चुग्गा स्थल व पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।करीबन 5 लाख रुपये लागत से निर्माण कार्य करवाया गया है।

इस अवसर पर निर्माणकर्ता भीकाराम देवासी का साफा पहनाकर माल्यार्पण कर बहुमान किया।

लोकार्पण समारोह में उपजिला प्रमुख जगदीश चौधरी,मुंडारा सरपंच प्रवीण वैष्णव,शंकरसिंह राजपुरोहित, अचलाराम लुहार, जबरसिंह इंदा, हनवंतसिंह सोलंकी, महिपालसिंह चौहान,जेठाराम चौधरी, वेनाराम देवासी, समाराम देवासी, सवाराम देवासी, लक्ष्मण माली, बसंत घांची, हरिराम,वार्डपंच गिरधारी मेवाड़ा आदि ग्रामवासी मौजूद रहे।

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