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माउंट आबू-माउंट आबू में शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह वर्तमान शीतकालीन सत्र का सबसे ठंडा दिन रहा। आमतौर पर बसंत पंचमी के बाद सर्दी कम होने लगती है, लेकिन माउंट आबू में पिछले तीन दिनों से इसके विपरीत परिस्थितियां बनी हुई हैं। शुक्रवार को चली शीत लहर के बाद शनिवार, 24 जनवरी की सुबह सबसे अधिक ठंडी रही।
यहां के जलाशयों और पोखरों में पानी के ऊपर बर्फ की मोटी परतें जम गईं। यह परतें इतनी मोटी थीं, जैसे किसी डीप फ्रीजर में बर्फ जमती है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि पानी की सतह से बर्फ की परतें हटाने में लोगों को भी असहजता महसूस हो रही थी।
अल सुबह माउंट आबू के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे सालगांव और चांद मारी फायरिंग रेंज में घास के मैदानों पर ओस की मोटी चादर जमी हुई मिली। आसपास के छोटे पोखरों में भी बर्फ की मोटी परतें देखी गईं, जो रात भर और सुबह की कड़ाके की ठंड का स्पष्ट संकेत दे रही थीं।
माउंट आबू घूमने आए पर्यटकों ने भी बसंत पंचमी के बाद इतनी कड़ाके की ठंड पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अपने गृहनगर और यहां के मौसम में उन्हें भारी अंतर महसूस हुआ। गर्म कपड़े पहनने के बावजूद उन्हें अपनी जेबों से हाथ निकालना मुश्किल हो रहा था।

