यहा खनन कार्य से जुड़े लोगो के लिए खुश खबर….टोंक में बनास से बजरी खनन शुरू

PALI SIROHI ONLINE

टोंक. जिले की बनास नदी से प्रदेश की भवन निर्माण कम्पनियों के लिए खुशखबरी है। जी हां, बनास नदी से वैध रूप से बजरी खनन शुरू हो गया है।

ऐसे में बजरी अब कानूनी रूप से एवं कम दाम पर आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। भवन निर्माण में बनास की बजरी बेजोड़ मानी जाती है। करीब चार साल से अधिक समय बाद बनास नदी में शनिवार से फिर से बजरी का वैध खनन शुरू हो गया है। यह खनन 13 महीने 4 चार दिन के लिए होगा। इसके बाद फिर से खनन की लीज सरकार की ओर से जारी की जाएगी। सुुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई स्वीकृति के बाद लीज के लिए स्टाम्प ड्यूट खनिज विभाग में पेश की गई है। इसके साथ ही भवन निर्माण में लोगों को सस्ती बजरी मिलेगी। जिले में देवली क्षेत्र स्थित बनास नदी में दी गई लीज शुरू होगी।

बजरी खनन विभाग की गाइड लाइन के तहत होगा। इसकी पालना को लेकर खनिज विभाग तैयारियां करा रहा है। इससे अवैध खनन पर अंकुश लगेगा। हालांकि अभी भी अवैध खनन की गुंजाइश इस लिए रहेगी कि सम्पूर्ण बनास नदी में खनन की अनमुति नहीं है। हालांकि खनिज विभाग ने टोंक से गुजर रही बनास नदी में खाइयां खोद दी है, लेकिन अवैध खनन से जुड़े माफिया इसका भी कोई रास्ता निकालने की तैयारी करेंगे। जब तक जिले में अन्य स्थानों पर खनन के आदेश नहीं होते तब तक वहां अवैध खनन की गुंजाइश रहेगी।

ऐसे में यह अवैध खनन प्रशासन और पुलिस के लिए फिर सिर दर्द रहेगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बनास नदी में चल रहे बजरी खनन पर 16 नवम्बर 2017 को रोक लगा दी थी। राज्य सरकार के आदेश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए खनन पर नियंत्रण किया था, लेकिन अवैध खनन शुरू हो गया और बजरी का भाव कई गुना हो गया। अब देवली और निवाई क्षेत्र में लीज शुरू होने पर 200 फीट बजरी महज 1500 रुपए में मिल जाएगी।

यह है क्षेत्रफल टोंक जिले से गुजर रही बनास नदी में बजरी खनन की लीज 8 हजार 837.84 हैक्टयेर में दी गई है। इसमें टोंक में 2 हजार 389.36, पीपलू में 3 हजार 342.10, देवली में एक हजार 667.78, टोडारायङ्क्षसह में एक हजार 260.96 तथा उनियारा में 177.64 हैक्टयेर क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा बजरी का खनन नहीं किया जा सकता।&स्टाम्प ड्यूटी खनिज विभाग में पेश कर दी गई है। शनिवार से देवली क्षेत्र में बजरी का खनन शुरू होगा।

यह खनन गाइड लाइन के तहत ही होगा। इसकी मॉनीटङ्क्षरग की जाएगी। संजय शर्मा, सहायक अभियंता खनिज विभाग टोंक