बड़ी खबर: अलवर पुलिस ने कहा- मूक-बधिर बच्ची से नहीं हुआ बलात्कार, जानिए क्या कहा SP ने

PALI SIROHI ONLINE

अलवर. मूक बधिर नाबालिग से गैंगरेप की घटना के 72 घंटे बाद शुक्रवार देर शाम अलवर पुलिस का बड़ा बयान आया। पुलिस अधिकारियों ने जयपुर की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीडि़ता से बलात्कार की घटना से इनकार किया है। वहीं, आखिर पीडि़ता के साथ क्या घटना हुई है उसका पता लगाने के लिए पुलिस पड़ताल में जुटी है।जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने शुक्रवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मंगलवार रात करीब सवा 8 बजे तिजारा फाटक ओवरब्रिज पर 15 वर्षीय मूक बधिर बालिका लहूलुहान हालत में पड़ी मिली। जिसके गुप्तांगों से खून बह रहा था।

पीडि़ता को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद पीडि़ता को जयपुर रैफर कर दिया गया। मेडिकल जांच में पीडि़ता के गुप्तांगों में गहरे घाव मिले। वहां चिकित्सकों द्वारा बुधवार को उसकी सर्जरी की गई।

जयपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की मेडिकल रिपोर्ट शुक्रवार शाम को मिली है। जिसमें पीडि़ता के साथ बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है। इस दौरान डीआईजी सिविल राइट्स जयपुर डॉ. रवि भी मौजूद रहे।250 से 300 सीसीटीवी कैमरा खंगालेपुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने इस घटना का पता लगाने के लिए पीडि़ता के घर से निकलकर तिजारा फाटक ओवरब्रिज तक पहुंचने के रूट के करीब 250 से 300 सीसीटीवी कैमरा खंगाले हैं। जिस टैम्पो में पीडि़ता बैठकर अलवर तक आई उसके ड्राइवर और टैम्पो में सवार अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई है। सीसीटीवी फुटेज में बालिका कई जगह नजर आई है। सभी जगह पुलिस की टीमें और डॉग स्क्वायड की मदद से पड़ताल की गई तथा लोगों से भी पूछताछ की गई। सीसीटीवी फुटेज में सभी जगह बालिका अकेली और बिल्कुल सही नजर आई है।किरोड़ीलाल मीणा ने कहा, सरकार मामले को दबाने में लगी हैराज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा शुक्रवार को अलवर पहुंचे और सरकार पर इस मामले को दबाने का आरोप लगाया।डॉ. किरोड़ीलाल मीणा अलवर जिला परिषद के बाहर धरने पर बैठे। किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि सरकार बदनामी के डर से मामले को दबाने में लगी है। उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कह रही है कि यह दुष्कर्म की घटना नहीं है।

किरोड़ीलाल मीणा ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच करने में असमर्थ है। ऐसे में मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। मीणा ने पीडि़त के परिजनों से भी मुलाकात की। किरोड़ी लाल मीणा ने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक ने दुष्कर्म की बात कही थी। अब सरकार इस पूरे मामले को दबाने में लगी है व इसको नया रूप दिया जा रहा है। मीणा के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने गहलोत सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए।प्रियंका गांधी पर भी लगाया आरोपकिरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि वे गुरुवार को सवाई माधोपुर में इस प्रकरण को लेकर प्रियंका गांधी को ज्ञापन सौंपने गए थे। लेकिन उन्होंने ज्ञापन लेने से मना कर दिया। मीणा ने कहा कि प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में कहती है कि लडक़ी हूं, लड़ सकती हूं। लेकिन वे राजस्थान में जन्मदिन मनाने आई लेकिन पीडि़ता के हाल जानने नहीं पहुंची। इस नारे का कोई औचित्य नहीं रह गया।

उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर पलटवार करते हुए कहा कि वे अतिथि देवो भव: की सीख दे रहे हैं। कांग्रेस ने पंजाब में यह परंपरा क्यों नहीं अपनाई। जब प्रधानमंत्री को वापस लौटना पड़ा।दिल्ली निर्भया कांड से भी बड़ी घटनाउन्होंने कहा कि यह घटना दिल्ली के निर्भया कांड से गंभीर अपराध है। क्योंकि इस घटना में एक मानसिक विकलांग बालिका के साथ गलत हुआ है। जो बोलने में भी असमर्थ है। वो अपना दर्द बयां नहीं कर पा रही है। दर्द और तकलीफ से वह तड़पती रही। अगर समय रहते पुलिस कोई कदम उठाती तो यह घटना भी रुक सकती थी। इस प्रकरण में पीडि़ता को न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महिलाओं ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।