पाली जिला कलेक्टर अंश दीप ने आज रात 9,30 से सुबह 5 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया

PALI SIROHI ONLINE

पाली जिला मजिस्ट्रेट अंश दीप ने पाली जिला मुख्यालय की नगरीय सीमा में रात साढ़े नौ से सवेरे पांच बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू लगा दिया है।

पाली जिले में कोरोना संक्रमितों में उत्तरोत्तर वृद्धि के मद्देनजर रात्रिकालीन कफ्र्यू में सभी बाजार, कार्यस्थल एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे।


जिला मजिस्ट्रेट अंश दीप ने बताया कि कोविड 19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने 19 अप्रैल तक विशेष गाइडलाइन जारी की है। इसमें कई तरह के प्रतिबंधात्मक कड़े कदम उठाए गए हैं। अब तक के प्रयासों के परिणामस्वरूप पांच माह तक कोविड 19 के सक्रिय मामलों में कमी आ गई थी। कोविड 19 के ताजा मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। कोविड 19 के प्रसार को रोकने तथा शीघ्रता से सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए महामारी के प्रसार की श्रंखला को पूरी तरह तोडऩे की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार ने जिले की परिस्थिति के मद्देनजर जिला मजिस्ट्रेटस को रात्रिकालीन कफ्र्यू के लिए निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया हुआ है। इसी क्रम में सोमवार को जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों व मौजीज लोगों से चर्चा के बाद पाली जिला मुख्यालय की नगरीय सीमा में रात साढ़े नौ बजे से सवेरे पांच बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू लगाने का फैसला किया गया है।
उन्होंने बताया कि रात्रिकालीन कफ्र्यू के दौरान बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान रात्रि साढ़े आठ बजे तक बंद कर दिए जाएंगे। रात्रिकालीन कफ्र्यू के दायरे से निरंतर उत्पादन वाली फैक्ट्रियां, रात्रिकालीन शिफ्ट वाली फैक्ट्रियां, आईटी कंपनियां, कैमिस्ट शॉप, अनिवार्य एवं आपातकालीन सेवाओं से संबंधित कार्यालय, विवाह संबंधी आयोजन, चिकित्सा सेवाओं से संबंधित कार्यस्थल, बस स्टैण्ड व रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाले यात्री, माल परिवहन करने वाले भार वाहन, लोडिंग व अनलोडिंग के लिए नियोजित व्यक्ति मुक्त रहेंगे। नगरीय सीमा के रेस्टारेंट्स से टेक अवे व डिलीवरी पर रात्रिकालीन कफ्र्यू लागू नहीं होगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि रात्रिकालीन कफ्र्यू के दौरान वे सभी संस्थाएं व संगठन कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन करेंगे, जिन्हें प्रशासन के स्तर से छूट दी गई है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग व नगर निकाय के संयुक्त प्रवर्तन दल यह सुनिश्चित करेंगे कि कोविड 19 सुरक्षा प्रोटोकॉल की पूरी तरह पालना की जा रही है। इस आदेश के उल्लंघन पर संस्था या संगठन को सील किया जाएगा।