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कोटा-कोटा के उद्योग नगर इलाके में पिता-पुत्री पर फायरिंग और हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी भाजपा नेता प्रभात कश्यप को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। खुद को राजनीतिक कार्यकर्ता और प्रॉपर्टी डीलर बताने वाला प्रभात लंबे समय से जमीन से जुड़े विवादों में सक्रिय रहा है।
उद्योग नगर थाने में आज हुई गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ जमीन हड़पने और धोखाधड़ी के दो नए मामले सामने आए हैं, जबकि लूट और मारपीट के अन्य प्रकरण भी कोटा के अलग-अलग स्थान में दर्ज हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभात कश्यप ने अलग-अलग इलाकों के बदमाशों की टीम बना रखी थी, जो बेशकीमती जमीनों और मकानों पर कब्जा कर लोगों को डरा-धमकाकर भगा देती थी। उस पर प्लॉटों की डबल फाइल बनाकर बेचने, मकानों की फर्जी फाइल तैयार कर बैंक से लोन उठाने और बाद में किश्तें नहीं चुकाने के आरोप भी लगे हैं। लोन डिफॉल्ट होने पर बैंक द्वारा असली मालिकों के मकानों पर नोटिस चस्पा होने से कई लोग परेशान हुए।
कीमती जमीनों पर जबरन कब्जा करता था आरोपी
कोटा की एक महिला ने आरोप लगाया कि राजेन्द्र सिंह, ईश्वर लाल सैनी, प्रभात कश्यप, अर्चना कश्यप और टाइगर फाइनेंस प्रा. लि. (अडानी हाउसिंग फाइनेंस) के मैनेजर ने साजिश कर उसके खरीदे गए प्लॉट बी-31 को अन्य खसरा नंबर दिखाकर प्रभात के नाम रजिस्ट्री करा ली और उस पर लोन उठा लिया। बाद में सरफेसी एक्ट 2002 के तहत नोटिस चस्पा होने पर मामला सामने आया। पीड़िता का कहना है कि उसने एसपी ऑफिस में भी शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने दिसंबर 2025 में यह मामला दर्ज करवाया था।
बीजेपी नेता पर चेक बाउंस का भी आरोप
एक अन्य फरियादी ने बताया कि प्रभात ने खुद को भाजपा नेता बताते हुए उसका प्लॉट खरीदा और दो लाख रुपए नकद देकर बाकी रकम के चेक दिए, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। पैसे मांगने पर धमकी दी गई और प्लॉट पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। रवि का आरोप है कि शिकायत के दौरान प्रभात के पुलिस अधिकारियों से संपर्क होने की बात कहकर दबाव बनाया गया। और मेरा प्लॉट के बाकी रुपए अभी तक भी नहीं लौटाए। यह मामला 1 जनवरी 2020 का है।हमले के शिकार परिवार का भी आरोप है कि शिव सागर इलाके में प्रभात ने पहले एक बुजुर्ग के मकान पर कब्जा कर मारपीट कर उसे भगा दिया था। पुलिस के साथ दोस्ती होने का फायदा उठाता था हिस्ट्रीशीटर कमल चौका पर पुलिस के द्वारा कार्रवाई ना करने पर अधिकारियों को परिवाद दिया गया।
एडिशनल एसपी दिलीप सैनी ने बताया कि सोमवार रात की फायरिंग की घटना में भी नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि प्रभात ने कथित रूप से जवाहर नगर थाने के हिस्ट्रीशीटर कमल चौका से खुद पर फायरिंग करवाई और मामले में दूसरे गैंग का नाम जोड़कर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश की।

